नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही राजधानी पतंगबाजी शुरू हो गई है। कई लोग प्रतिबंध के बावजूद पतंग उड़ाने के लिए धातु लेपित मांझे का उपयोग करते हैं। इसकी चपेट में आकर लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी है।
पिछले वर्षों में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस तरह के मांझे से बिजली के उपकरण व तार को भी नुकसान पहुंचता है। इससे दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) सहित बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) की चिंता बढ़ गई है।
डीटीएल के साथ ही बीएसईएस और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के अधिकारियों ने लोगों से बिजली के खंभों, तार, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों के आसपास पतंग नहीं उड़ाने और जानलेवा मांझे के उपयोग से परहेज करने की अपील की है।
डीटीएल अधिकारियों ने कहा कि धातु लेपित मांझा बिजली के तारों के संपर्क में आने से बिजली ट्रांसमिशन व वितरण दोनों बाधित होती है। करंट लगने का खतरा भी बना रहता है।
बिजली आपूर्ति में बाधा डालना कानूनी अपराध
डिस्काम अधिकारियों ने कहा, 11 केवी की एक लाइन ट्रिप होने से 25 सौ से अधिक और 66/33 केवी की एक लाइन ट्रिप होती है तो इससे 10 हजार से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति बाधित होती है। बिजली आपूर्ति में बाधा डालना अपराध है और कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
पतंगबाजी से बिजली लाइन को नुकसान पहुंचने पर उसे ठीक करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इंटरनेट मीडिया व अन्य साधनों से उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है।
टीपीडीएल के चीफ आपरेशन एंड सेफ्टी राजकुमार रस्तोगी का कहना है कि एक हजार आभा सदस्यों के माध्यम से लोगों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।
किसी आपात स्थिति में उपभोक्ता डिस्काम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर-
- बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड-19122
- बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड-19123
- टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड-19124

