
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नंगला श्रीगोपाल गांव की शनिवार की सुबह एक बुरी खबर के साथ हुई। लोग सुबह अपने घरों से निकले तो पता चला कि महेश का पूरा परिवार खत्म हो गया है। यह खबर जैसे ही पूरे गांव में फैली तो हड़कंप मच गया।
कुछ लोगों ने घर के अंदर जाकर देखा तो महेश और एक बच्चा चरपाई पर मृत पड़े मिले तो बेड पर पत्नी और दो बच्चे मृत पड़े थे। एक छोटा बच्चा मां की गोद से चिपका हुआ था। यह दृश्य जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई।
एक परिवार के पांच लोगों की मौत
गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना देकर बताया कि गांव में एक परिवार के पांच लोगों की संदिग्थ परिस्थतियों में मौत हो गई है। पांच लोगों की एक साथ मौत की खबर सुनते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
वहीं, मौके पर पहुंची थाना पुलिस और अधिकारियों ने गांव वालों से घटना के बारे में पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि महेश परिवार के साथ शुक्रवार को मेले में भी गया था। रात में मेले से वापस आने के बाद घर में मैगी बनाई गई और परिवार के सभी सदस्यों ने मैगी खाई थी। बताया कि सभी ने चाय भी पी थी।
बस यहीं से कई सवाल उठते हैं, जिनके जवाब तलाशने में पुलिस, फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम और एंबुलेंस एवं फूड एंड सेफ्टी विभाग जुटा हुआ है।
पांचों की एक जैसी मौत, कई सवाल?
शुरुआती जांच में पुलिस को यह कहना बहुत मुश्किल हो रहा है कि पांचों ने आत्महत्या की है। उधर, फूड प्वाइजनिंग के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का असली कारण जल्द ही सामने आ जाएगा। लेकिन परिवार के विवाद ने पुलिस को हत्या या आत्महत्या के बिंदु पर भी सोचने को मजबूर कर दिया है।
मैगी में जहर मिलाकर खाने की चर्चा
गांव के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि महेश शुक्रवार को परिवार के साथ मेले में गया था। वहीं से वह जहर लेने के लिए निकल गया था। चर्चा है कि महेश ने अपने और परिवार के सदस्यों के खाने (मैगी) में जहर मिलाया था, जिसे खाने से पांचों की मौत हो गई। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संपत्ति को लेकर नाराज था महेश
महेश के ससुराल वालों का आरोप है कि करीब छह माह पहले महेश की मां ने करीब 10 बीघा जमीन अपनी बेटी और उसके पति के नाम कर दी थी। इससे पूरा परिवार बहुत ही आहत था। जिस मकान में यह परिवार रह रहा था, उसे भी महेश की मां ने बेटी के ही नाम कर दिया था। वर्ष 2015-16 में मुआवजा मिला तो उसी धनराशि से रबुपुरा में मकान बनाया गया था।
बताया कि इससे महेश और उनकी पत्नी पूरी तरह से टूट गए थे। उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी थी। ससुराल ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड को मृतका की सास ने अपनी बेटी के साथ मिलकर अंजाम दिया है।
पुलिस का आधिकारिक बयान आया सामने
डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, रात 10 से 10:30 बजे के बीच परिवार के सदस्यों ने खाना खाया था। सुबह जब एक बच्चा परीक्षा के लिए नहीं उठा, तब इस घटना का पता चला। पुलिस, एंबुलेंस और अन्य टीमें के एक साथ मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने जो चीजें खाई थीं, उन्हें आधार बनाकर हम आगे की कार्रवाई कर रहे हैं और विस्तृत जांच के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे।
चार साल पहले भाई ने की थी आत्महत्या
करीब चार साल पहले महेश के बड़े भाई ने दिल्ली में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की थी। महेश की मां एक वर्ष से इनके साथ रह रही थीं। महेश की कुल तीन बहनें हैं। मां और पिता ने मकान समेत पूरी संपत्ति को तीनों बहनों के नाम कर दिया था। बताया गया कि इसी वजह से महेश डिप्रेशन में चल रहा था।
मृतकों के नाम
मृतकों की पहचान पति महेश (37 वर्ष), पत्नी ललिता (35 वर्ष), लड्डू (11 वर्ष), बेटी मिष्टी (7 वर्ष) और साक्षात (3 वर्ष) के रूप में हुई है।
