10वीं मंजिल से कूदकर छात्रा ने दी जान, डायरी में शिक्षिका पर प्रताड़ना के आरोप

News Desk
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साहिबाबाद (गाजियाबाद)। गाजियाबाद में साहिबाबाद थाना क्षेत्र की सोसायटी में शनिवार शाम 7वीं कक्षा की छात्रा ने 10वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।

छात्रा राजेंद्रनगर के नामी स्कूल में पढ़ाई करती थी। छात्रा ने अपनी पर्सनल डायरी में शिक्षिका द्वारा प्रताड़ित करने की बात लिखी है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है।

सोसायटी निवासी व्यक्ति के करीबी रिश्तेदार ने बताया कि दो बेटियों में से छात्रा छोटी थी। दोनों ही इस स्कूल में पढ़ती हैं। बड़ी बेटी कक्षा 10 छात्रा है और छोटी सातवीं में पढ़ती थी।

अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन

शनिवार देर शाम वह खेलने की बात कहकर घर से निकली। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने उसके 10वीं मंजिल से गिरने की जानकारी दी। सभी लोग आनन-फानन में नीचे पहुंचे। वह लोगों की मदद से बच्ची को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि फिलहाल स्वजन ने मामले में तहरीर नहीं दी है। तहरीर आने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

सहपाठी ने बताई प्रताड़ना की कहानी

छात्रा की मौत की जानकारी मिलने पर उसकी सहपाठी शनिवार रात उसके घर पहुंची। उसने परिजनों को बताया कि हाल में स्कूल में इंटरनल एग्जाम हुए थे।

शुक्रवार को सभी छात्रों को उसकी कॉपी दी गई थी। इसमें छात्रा के 30 नंबर आए थे। नंबर देखकर उसने सहपाठी से टीचर के हालत खराब करने की बात कही थी। उसने मृतका की पर्सनल डायरी का भी जिक्र किया। इसके बाद परिजनों ने उसकी डायरी चेक की।

पर्सनल डायरी में मिले कई राज

छात्रा को लिखने का शौक था। उसने अपनी एक स्कूल डायरी को पर्सनल डायरी बनाया हुआ था। वह डायरी किसी को पढ़ने नहीं देती थी। उसके पिता ने काफी समय पहले पढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उसने मना कर दिया।

वहीं, परिजनों ने उसकी डायरी पढ़ी। इसमें जुलाई से बीते कुछ दिन पहले की आपबीती लिखी थी। छात्रा ने कई पेज पर टीचर के उत्पीड़न करने की बात लिखी हैं। एक पेज पर गणित की टीचर का नाम खुला है।

डायरी में लिखा कि पेरेंट मीटिंग से पहले कम प्रताड़ित किया जाता था लेकिन, जब परिजनों ने उनकी स्कूल प्रबंधन से शिकायत की, इसके बाद से अधिक प्रताड़ित किया जाने लगा।

केवल गणित में मिल रहे कम नंबर

परिजनों ने बताया कि छात्रा के सभी विषयों में 80-90 नंबर आते थे, जबकि गणित में कम नंबर मिलते थे। डायरी में लिखा है कि टीचर जान बूझकर कम नंबर देती थी। इसके बाद कम नंबर आने पर उसे दोषी ठहराती थी।

कुछ दिन से आया व्यवहार में बदलाव

परिवार के एक रिश्तेदार ने बताया कि स्कूल की शनिवार व रविवार को स्कूल की छुट्टी रहती है। छुट्टी के दिन छात्रा करीब 11 बजे सोकर उठती थी। पिछले कुछ दिन से वह छुट्टी के दिन भी आठ से नौ बजे के बीच उठ रही थी। उसे ब्रेड और मक्खन पसंद नहीं था लेकिन शुक्रवार, शनिवार उसने ब्रेड और मक्खन खाया था।

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