नोएडा। इंजीनियर युवराज की मौत से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। इस सिलसिले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में डेरा डाल दिया है, जहां घटना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। जांच प्रक्रिया के दौरान प्राधिकरण परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश और आवाजाही पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने उन सभी विभागों से जवाब-तलब किया है, जिनकी भूमिका घटना के समय सामने आई थी। इसी क्रम में एसडीआरएफ की उस टीम को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है, जो 16 जनवरी की रात युवराज को बचाने के अभियान में शामिल थी। जांच टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में कहां और कैसे चूक हुई।
इसके अलावा नॉलेज पार्क थाना प्रभारी, संबंधित एसीपी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को भी एसआईटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों के बयान दर्ज कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
एसआईटी का फोकस यह पता लगाने पर है कि हादसे के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं और किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

