
दक्षिणी दिल्ली। ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट राजधानी के साथ ही देश के आर्थिक विकास के मार्ग को प्रशस्त कर रहा है। पर यहां के उद्यमी स्थानीय जन समस्याओं से उबर ही नहीं पा रहे। ऐसी ही एक समस्या सी-लाल चौक से ओखला फेज दो जाने वाले मार्ग पर पुलिस बूथ के सामने पिछले चार वर्षों से बनी हुई है।
वर्षा जल की निकासी के लिए बने एसीडी के खुले नाले में नियम के विपरीत सरकारी काम्प्लैक्स की सीवर लाइन जोड़ दी गई। नाला काम्प्लैक्स के सीवेज प्रेशर के लिए बना ही नहीं है। ऐसे में समय-समय पर पानी बैक होकर सड़क पर आता रहता है।
मामले में स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों की ओर से कई बार एमसीडी व जल बोर्ड से शिकायत की गई। पर न तो एमसीडी सरकारी काम्प्लैक्स पर जुर्माना लगा पाया और न ही जल बोर्ड समस्या का समाधान ही निकाल पाया।
कॉम्प्लैक्स के पीछे की लेन में है एमसीडी का नाला
जानकारी के मुताबिक ओखला फेज-दो में प्लाट नंबर बी-19/1 पर एफआइईई (फ्लैटेड फैक्ट्रीज फार इंडस्ट्रियल एंड इलेक्ट्रानिक इंटरप्राइज काम्प्लैक्स) है। जब यह काम्प्लैक्स बन रहा था तब नक्शे के मुताबिक सीवर का मिलान सी-लाल चौक की तरफ जल बोर्ड की सीवर लाइन में होना था। काम्प्लैक्स के पीछे की लेन में एमसीडी का नाला भी है।
आरोप है कि सीवर कनेक्शन सामने जल बोर्ड की लाइन में करने की बजाय पीछे की लेन में एमसीडी के नाले के कर दिया गया। काम्प्लैक्स से भारी मात्रा में निकलने वाले सीवर व अन्य प्रकार के दूषित जल का प्रेशर नाला झेल नहीं पाता।
एफआइईई की पीछे इंडस्ट्रियल एस्टेट की सड़क पर पुलिस बूथ के सामने बार-बार ओवरफ्लो होता रहता है। शिकायतकर्ता रतन सिंह, संतोष गुप्ता, मुकेश राय व सुहैल बेग के मुताबिक जनप्रतिनिधियों के साथ ही जल बोर्ड से कई बार शिकायत की गई, पर जलभराव की समस्या दूर नहीं हो पा रही।
लगातार गंदा पानी भरा होने के चलते आस-पास काम करने वालों को संक्रामक बीमारियों की भी खतरा बना हुआ है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के साथ ही दिल्ली राज्य राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम से कई बार पत्राचार कर स्थिति सुधारने का अनुरोध किया गया। हर बार गोलमोल जवाब मिलता है, पर जमीनी स्तर पर अब तक कोई काम नहीं हो पाया है। समस्या के प्रभावी निवारण के लिए अब पर्यावरण मंत्री के साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी पत्र लिखा है।
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सहीराम पहलवान, विधायक-तुगलकाबाद विधानसभा।
