RBI ने रुपये में आयात-निर्यात सेटलमेंट को दी मंजूरी, डॉलर पर घटेगी निर्भरता; रुपये के अवमूल्‍यन पर भी लगेगी लगाम

Rohit Kumar
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भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने सोमवार को बैंकों (Banks) से भारतीय रुपये (Indian Rupee) में निर्यात और आयात ट्रांजैक्शन्स के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने को कहा है. केंद्रीय बैंक ने ऐसा ग्लोबल ट्रेडिंग कम्युनिटी की घरेलू करेंसी (Currency) में बढ़ती रूचि को देखते हुए किया है. केंद्रीय बैंक ने एक सर्रकुलर में कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले, बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक के फॉरेन एक्सचेंज डिपार्टमेंट से इजाजत की जरूरत पड़ेगी.

RBI ने क्यों किया यह ऐलान?

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वैश्विक व्यापार को प्रोत्साहन देने, जिसमें निर्यात पर जोर हो और रुपये में ग्लोबल ट्रेडिंग कम्युनिटी की बढ़ती रूचि को देखते हुए, भारतीय रुपये में निर्यात या आयात की इनवॉयसिंग, पेमेंट और सेटलमेंट के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है.

ट्रेड ट्रांजैक्शन्स के सेटलमेंट के लिए, संबंधित बैंकों को सहयोगी ट्रेडिंग देश के संबंधित बैंकों के स्पेशल रुपी Vostro अकाउंट्स की जरूरत होगी. आरबीआई ने सर्रकुलर में कहा है कि भारतीय आयातक, जो इस व्यवस्था के जरिए आयात करेंगे, वे भारतीय रुपये में भुगतान करेंगे, जिसे सहयोगी देश के बैंक के स्पेशल Vostro अकाउंट में डाल दिया जाएगा. इसके बदले उन्हें विदेशी विक्रेता या सप्लायर से सामान या सेवाओं की सप्लाई के लिए इनवॉयस मिलेगा.

निर्यातकों को भी होगा फायदा

इसके अलावा इस व्यवस्था के जरिए विदेशी सामान और सेवाओं की शिपमेंट प्राप्त करने वाले निर्यातकों को निर्यात की राशि भारतीय रुपये में दी जाएगी. ये राशि उन्हें निर्धारित स्पेशल Vostro अकाउंट में मौजूद बैलेंस से मिलेगी. इस व्यवस्था की मदद से भारतीय निर्यातक निर्यात के लिए विदेशी आयातकों से रुपये में एडवांस पेमेंट हासिल कर सकेंगे.

सर्रकुलर के मुताबिक, मौजूद रुपये के सरप्लस बैलेंस का इस्तेमाल आपसी समझौते के मुताबिक कैपिटल और मौजूदा अकाउंट ट्रांजैक्शन्स के लिए किया जा सकेगा. स्पेशल vostro अकाउंट्स में मौजूद बैलेंस का इस्तेमाल प्रोजेक्ट्स और निवेश, एक्सपोर्ट या इंपोर्ट एडवांस फ्लो मैनेजमेंट और सरकारी बॉन्ड्स में निवेश के लिए इस्तेमाल के लिए किया जा सकता है.

आपको बता दें कि घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख और विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 22 पैसे लुढ़ककर 79.48 (अस्थायी) पर बंद हुआ. यह इसका सर्वकालिक निचला स्तर है.

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