साहिबाबाद (गाजियाबाद)। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में लूटपाट व छिनैती की वारदात को राेकने के लिए एक बार फिर पुलिस गूगल मैपिंग का सहारा लेने जा रही है। गूगल मैपिंग से छिनैती वाले हाट स्पाट चिह्नित किए जाएंगे और इन प्वाइंट्स की निगरानी की जाएगी।
ऐसे स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर बदमाशों पर शिकंजा कसा जाएगा। पिछले साल चिह्नित किए गए हाट स्पाट का भी सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस लूटपाट प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर रही है।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में एक बार फिर लूटपाट व छिनैती करने वाले बदमाश सक्रिय हुए हैं। इस वर्ष छह माह के भीतर छिनैती की करीब दो दर्जन वारदात हो चुकी हैं। हालांकि पुलिस इनमें से करीब 90 फीसद वारदात का पर्दाफाश कर बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है।
नहीं थम रही लूटपाट की वारदातें
अधिकांश मामलों में बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद भी लूटपाट की वारदात थम नहीं रही हैं। इसके चलते पुलिस ने एक बार फिर गूगल मैपिंग के जरिये लूटपाट वाले हाट स्पाट चिह्नित करने का फैसला लिया है। इसके लिए सर्वे भी शुरू किया जा चुका है।
पिछले साल किए चिह्नित किए गए हाट स्पाट और इनकी निगरानी से वारदात में कमी आई थी। पिछले साल इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में सात, कौशांबी में चार, लिंकरोड में तीन, साहिबाबाद में चार और शालीमार गार्डन में चार यानि कुल 22 हाट स्पाट चिह्नित किए गए थे।
पिछले वर्ष के हाट स्पाट का पुलिस इस बार भी संज्ञान ले रही है और हाट स्पाट को लेकर समीक्षा चल रही है। थानेवार छिनैती व लूटपाट की वारदातों के समय, स्थान की सूची तैयार कर काम किया जा रहा है।
दो शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की तैनाती
समीक्षा में पाया गया है कि सुबह पांच से सात बजे और रात आठ बजे से 12 बजे के बीच सबसे अधिक वारदात हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानों पर बैरिकेड लगाकर दो शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी और चेकिंग बढ़ाई जाएगी ताकि बदमाशों पर काबू पाया जा सके।
पिछले वर्ष 2025 में यह व्यवस्था लागू होने के बाद लूट की वारदात 2024 की तुलना में 168 से घटकर 120 तक पहुंच गई थीं।
प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल का कहना है कि लूटपाट व छिनैती की वारदात रोकने के लिए गूगल मैपिंग से हाट स्पाट चिह्नित कर इनपर निगरानी कराई जाएगी। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती कर गश्त व चेकिंग तेज कराई जाएगी।
