मुरादाबाद में CA श्वेताभ तिवारी की कनपटी पर पिस्टल सटा क‍िए फायर, कई द‍िन से हत्‍यारे रख रहे थे नजर

Rohit Kumar
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मुरादाबाद। महानगर के वरिष्ठ सीए श्वेताभ तिवारी की बुधवार की रात उनके आफिस के पास ही हत्या कर दी गई। उन्हें दिल्ली मार्ग पर अपेक्स हास्पिटल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्वेताव तिवारी का आफिस दिल्ली मार्ग पर ही बंसल कांप्लेक्स में है। उनकी श्वेताभ एंड एसोसिएट के नाम से फर्म है। रात करीब 9.45 बजे उन्हें जबड़े से सटाकर दो गोली मारी गई हैं। घटना का कारण अज्ञात है। अपेक्स अस्पताल के डा. मगन मेहरोत्रा का कहना है कि करीब 10 बजे सीए को लेकर कुछ लोग आए थे। अस्पताल पहुंचने तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। गोली करीब से मारी गई है। मुंह में खून भरा था। सिर में भी चोट है। रामगंगा विहार की साई एन्कलेव निवासी तिवारी के परिवार में पत्नी शालिनी और जुड़वां बेटे कार्तिक व सार्थक हैं।

बेखौफ बदमाश दिल्ली रोड पर वरिष्ठ सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या करने के बाद फरार हो गए। यह पुलिस के चुनौती से कम नहीं है। सरेराह हुई इस हत्या से महानगर में सनसनी फैल गई। दिल्ली रोड पर वरिष्ठ सीए की हत्या कोई पहला मामला नहीं है। यहां इससे पहले भी बदमाश खून बहा चुके हैं। ग्रीन आर्चिड के पास कार की एजेंसी के गार्ड की दिल्ली रोड पर ही हत्या कर दी गयी थी। हालांकि, बाद में घटना का पर्दाफाश हो गया था। इसी तरह एक चालक की हत्या करके बदमाश उसका ई-रिक्शा लूटकर ले गए थे।

कई द‍िन से हत्‍यारे रख रहे थे नजर

बुधवार को सरेशाम दिल्ली रोड पर कार्यालय से निकलते ही बेखौफ बदमाशों ने वरिष्ठ सीए की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के लिए बदमाश कई दिन से रेकी कर रहे होंगे। इसके बाद भी उन्होंने घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में हत्यारोपित कई दिन से सीए के कार्यालय के आसपास घूम रहे होंगे। पिछले तीन दिन के सीसीटीवी फुटेज भी घटना का पर्दाफाश करने में पुलिस की मदद कर सकते हैं।

दिल्ली रोड पर 24 घंटे रहती है पुलिस

दिल्ली रोड पर 24 घंटे पुलिस रहती है। लोकोशेड पुल के पास से चौधरी चरण सिंह चौक तक डायल 112 की गाड़ियां भी खड़ी रहती हैं। मानसरोवर कालोनी के गेट के पास भी पुलिस अक्सर बैठी रहती है। मझोली चौराहे पर भी पुलिस की पिकेट लगती है। हत्यारे इससे चंद कदम की दूरी पर ही वरिष्ठ सीए की हत्या करके भाग निकले। वारदात से स्पष्ट है कि बदमाशों को पुलिस का खौफ ही नहीं था। वाजिदनगर से शुरू किया था कामवरिष्ठ सीए श्वेताभ तिवारी ने वाजिदनगर में छोटा सा कार्यालय खोलकर काम शुरू किया था। भाजपा पार्षद रहीं पूनम बंसल के परिवार के संजीव बंसल उनके साथ थे।

श्वेताभ का परिवार दीनदारपुरा में रहता था। संजीव बंसल का साथ छूटने के बाद उन्होंने अपना कार्यालय दिल्ली रोड पर खोल लिया था। यहां आने के बाद उन्होंने बहुत तरक्की की। एक ही नहीं कई क्षेत्रों में काम किया। जिसने सुना घर की तरफ दौड़ा वरिष्ठ सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या की खबर मिलने की सूचना पर उनके साईं गार्डंस कालोनी स्थित आवास पर पहुंच गए। सीए श्वेताभ के पार्टनर अखिल अग्रवाल, आर्किटेक्ट भरत मलिक आदि गमगीन अवस्था में आवास के बाहर देर रात तक खड़े रहे। सभी चेहरों पर मायूसी थी। मन में तमाम सवाल लिए सीए के परिचित चुप्पी साधे रहे। सीए के परिवार ही पूरे शहर के मातम का माहौल है।

सीए ही नहीं बड़े दानदाता भी थे

सीए अजय आनंद का कहना है कि श्वेताभ तिवारी जितने बड़े चार्टर्ड एकाउंटेंट थे, उतने ही बड़े दानदाता भी थे। पता नहीं इतने मृदु भाषी व्यक्ति के साथ ऐसा किसने कर दिया। डा. नीरज गुप्ता कहते हैं कि हम राही होटल में डा. गिरजेश के बेटे के जन्म दिन कार्यक्रम में थे। वहां हमें गोली लगने की सूचना मिली थी। मृत्यु की सूचना पर स्तब्ध रह गए। कभी इनका किसी से झगड़ा होते नहीं सुना।

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