यूपी बोर्ड परीक्षा में अब परीक्षार्थियों के नहीं उतवाए जाएंगे जूते-मोजे, केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए कड़े निर्देश

Rohit Kumar
2 Min Read

लखनऊ: यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों का जूता और चप्पल उतरवाना केंद्र व्यवस्थापक को भारी पड़ गया. अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के आदेश पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्यवाही की गई है. उनको हटाकर इस केंद्र पर परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एक अन्य वरिष्ठ शिक्षक को सौंप दी गई है.

यूपी बोर्ड हाई स्कूल की परीक्षा की शुरुआत गुरुवार को 8 बजे की गई. इस परीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला लखनऊ के केंद्रों पर जांच करने पहुंचीं. निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुन्नी इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र का दौरा किया. इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक द्वारा बच्चों के जूते-चप्पल उतरवाए जाने की बात सामने आई. उस पर कार्रवाई करते हुए केंद्र व्यवस्थापक शकील अहमद को हटा दिया गया. उनके स्थान पर वरिष्ठ शिक्षक खालिद सिद्दीकी को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि बोर्ड की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों में जूते उतारने की बात कही भी नहीं गई है. ऐसे भेज दिया सही नहीं है.

पहला दिन होने के कारण कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों को लेकर समस्या सामने आई हैं. हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के चलते परीक्षा को सुचारू ढंग से कराया जा रहा है.

माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा संचालित हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट की परीक्षायें शुरू की गई है. यह परीक्षा दो पालियों में संचालित होगी. इस वर्ष हाई स्कूल में 12,28,456 बालिकायें तथा 15,53,198 बालक सहित कुल 27,81,654 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे.

इस वर्ष प्रथम बार साफ्टवेयर के माध्यम से केन्द्र व्यवस्थापक, वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक तथा वाह्य कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गयी है. जिम्मेदारों का दावा है कि इससे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा शुचिता बनी रहेगी. वही लखनऊ समेत प्रदेश भर के केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों को लेकर समस्या सामने आई.

Share This Article
Leave a Comment