ग्रेटर नोएडा। श्रमिक हिंसा के मामले में नोएडा की फेज-दो कोतवाली पुलिस ने रिचा ग्लोबल फैक्ट्री में हुए औद्योगिक उपद्रव मामले में विवेचना पूरी कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में चौथी चार्जशीट दाखिल कर दी। करीब 100 पेज की चार्जशीट में 24 लोगों को आरोपित बनाया गया है।
पुलिस ने 25 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का आधार बनाया है। अब यह मामला न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया में पहुंच गया है।
अदालत में दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपितों के खिलाफ मोबाइल लोकेशन, काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर), इंटरनेट मीडिया चैट, वाट्सएप ग्रुप और अन्य इलेक्ट्रानिक डाटा से अहम साक्ष्य मिले हैं। इससे श्रमिक हिंसा में आरोपितों की प्रथम दृष्टया भूमिका सामने आई है।
जांच में दावा है कि 13 अप्रैल 2026 को भीड़ हटाने के बाद आरोपितों ने मोबाइल नंबरों से वाट्सएप ग्रुप बनाकर कर्मचारियों को उपद्रव के लिए उकसाया। पूर्व में ही रची साजिश के तहत लोगों को जोड़कर विरोध प्रदर्शन को उग्र किया गया।
आरोपितों ने हिसा भड़काने के लिए नोएडा के अलावा अन्य राज्यों के श्रमिकों को भी जोड़ने का प्रयास किया। इसके लिए आनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर प्रदर्शन को बड़ा और हिंसक बनाया गया।
चार्जशीट में इन 24 लोगों को बनाया आरोपित
पुलिस ने चौथी चार्जशीट में मुकेश कुमार, रितेश यादव, सतेंद्र, शिव कुमार, सुनील कुमार, अखिलेश उर्फ देहाती, अमित पाल, अमन सोनी, अब्दुल करीम, योगेश मीना, अवदेश, विनय कुमार, अमन, सतीश कुमार, छोटू, रुद्रप्रताप, रुपेश राय, भूपेंद्र उर्फ भूपी, योगेश, विजय मौर्या, सृष्टि उर्फ सृष्टि, अजय, आकाश सक्सेना और हिमांशु ठाकुर को आरोपित बनाया है।
जानिए क्या है मामला
रिचा ग्लोबल फैक्ट्री प्रबंधन ने फेज दो कोतवाली में दर्ज कराए मामले में आरोप लगाया था कि 10 अप्रैल से कुछ कर्मचारियों और बाहरी लोगों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट घेरकर नारेबाजी की, आवागमन बाधित किया और तोड़फोड़-आगजनी की धमकी दी।
जिला श्रम आयुक्त की मौजूदगी में वार्ता के बाद सहमति बनने के बावजूद अगले दिन फिर प्रदर्शन हुआ। आरोप है कि प्रदर्शनकारी भंगेल फ्लाईओवर पहुंचे और सड़क जाम कर यातायात बाधित किया।
पहले भी दाखिल की जा चुकीं तीन चार्जशीट
फेज दो कोतवाली पुलिस इससे पहले तीन मामलों में 89 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब चौथी चार्जशीट के साथ श्रमिक हिंसा में आरोपितों संख्या 113 पहुंच गई है।
बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रजनीश ने चौथी चार्जशीट अदालत में दाखिल किए जाने की पुष्टि की। उनका कहना है कि पुलिस ने चार्जशीट में साजिश, उपद्रव, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में दावा किया है कि यह आंदोलन स्वतः स्फूर्त नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।

