Noida: कर्ज में डूबे लोकसभा के संयुक्त निदेशक ने की आत्महत्या, 10 पन्नों के सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी उजागर

News Desk
2 Min Read

नोएडा। सेक्टर 82 के केंद्रीय विहार दो सोसायटी में रहने वाले लोकसभा में निदेशक के पद पर कार्यरत व्यक्ति ने रविवार शाम को फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके से लौटी पत्नी को गेट बंद और मोबाइल फोन नहीं उठने पर शक हुआ।

उन्होंने गार्ड की मदद से गेट खुलवाया। पति को फंदे पर लटका देखकर हौश उड़ गए। पति को नजदीक के प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने निदेशक मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिले पर पुलिस ने फारेंसिंक टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए।

मौके से 15 पेज का सुसाइड नोट मिला। उसमें खुद को मौत का जिम्मेदार ठहराया और आर्थिक नुकसान के चलते 70 लाख का कर्ज होना लिखा। इससे हताश होकर आत्महत्या की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर सोमवार को शव स्वजन को सौंप दिया।

मायके गई थीं पत्नी

नोएडा सेक्टर 82 के केंद्रीय विहार दो सोसायटी में 40 वर्षीय गौरव गौतम पत्नी व बेटे के साथ रहते थे। वह लोकसभा में निदेशक के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं और गौरव फ्लैट पर ही थे। वह रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे फ्लैट पर पहुंचीं।

गेट बंद होने पर गौरव को कई बार फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा। आवाज देने पर भी गौरव बाहर नहीं आए। उन्होंने गार्ड को बुलाकर गेट खुलवाया। गौरव पंखे से लटके मिले। वह गौरव को नजदीक के यथार्थ अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन तब तक गौरव की मौत हो चुकी थी।

अपनी मौत का मैं खुद जिम्मेदार

पुलिस को मौके से मिले 15 पेज का सुसाइड नोट में लिखा है कि अपनी मौत का मैं खुद जिम्मेदार हैं। फिजूल के खर्चों के चलते लगातार कर्ज हो रहा। 70 लाख का कर्ज होने से परेशान हैं।

सुसाइड नोट पढ़कर स्वजन भी हताश है कि गौरव ने इस बारे में किसी को भनक नहीं लगने दी। गौरव इस बारे में बात करते तो समस्या का समाधान निकाला जा सकता था। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि स्वजन की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।

Share This Article
Leave a Comment