बाहरी दिल्ली। बाहरी जिला पुलिस की झपटमारी और सेंधमारी निरोधक शाखा और राज पार्क थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एमएम गिरोह सरगना मोनू मंडी मंगोलपुरिया को धर दबोचा। इसका असली नाम विनेश उर्फ मोनू है और उसके कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी पिस्टल और एक चाकू बरामद किए गए।
पुलिस का दावा है कि हत्या के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान वह गोगी गिरोह के गुर्गों के संपर्क में आया और रिहाई के बाद अपना अलग गिरोह खड़ा कर लिया।
नाबालिगों की मदद से चला रहा था खुद का गिरोह
पुलिस के अनुसार जेल में बंद गोगी गिरोह के सदस्यों से प्रभावित होकर यह अब अपने इलाके के युवकों और नाबालिगों की मदद से खुद का गिरोह चला रहा था। मोनू पर हत्या, आर्म्स एक्ट सहित चार मामले दर्ज हैं। इसके मूवमेंट के बारे मे 17 जुलाई को जानकारी मिली कि हथियारों की बिक्री और सप्लाई में शामिल मोनू नाम के बदमाश दुर्बल नाथ पार्क के पास आने वाला है।
इस सूचना पर पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद पुलिस टीम को मोनू आता दिखा लेकिन पुलिस टीम को देखकर वह वहां से भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि मोनू हत्या के एक मामले में तीन साल तक तिहाड़ जेल में बंद था।
जेल में रहने के दौरान वह गोगी गिरोह के सदस्यों योगेश उर्फ टुंडा, दीपक उर्फ तीतर और नवीन उर्फ भांजे के संपर्क में आया। वह उनकी आपराधिक गतिविधियों और काम करने के तरीकों से प्रभावित होकर रिहा होने के बाद मंगोलपुरी इलाके में एक संगठित आपराधिक नेटवर्क बनाने के मकसद से खुद का गिरोह बना लिया।
जांच में पता चला है कि उसने पांच छह स्थानीय युवाओं को शामिल किया था। इसके साथ ही वह कुछ नाबालिगों को भी प्रलोभन देकर अपने गैंग में शामिल करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों, हथियारों के सप्लायर और गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

