ब‍िकरू कांड के मुख्‍य आरोप‍ित व‍िकास दुबे का मकान सीज, पत्नी ऋचा के पास 90 दिन का समय

Rohit Kumar
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लखनऊ: कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे की मुश्किलें कम होने का नाम ले रही हैं। गुरुवार को पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे के कृष्णा नगर स्थित आवास को सीज कर दिया गया है। पुलिस ने डुगडुगी पिटवा कर घर पर ये कार्रवाई की है। वहीं ऋचा दुबे को 90 दिन की अवधि में कानपुर न्यायालय में स्पष्टीकरण देने की मोहलत दी गई है। स्पष्टीकरण ना देने की स्थिति में विकास दुबे के घर पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ के इंद्रलोक कॉलोनी में स्थित विकास दुबे के मकान को सीज करने की कार्यवाही डुगडुग्गी बजाकर और माइक से घोषणा कर की गई। इस दौरान मकान में किसी के नहीं होने के कारण पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी आलोक राय ने बताया कि जिलाधिकारी कानपुर नगर के निर्देश पर कार्यवाही की गई है। ऋचा दूबे 90 दिनों की अवधी में कानपुर न्यायालय में उपस्थित हो अपना स्पष्टीकरण पेश कर सकती हैं।

6 बदमाश एनकाउंटर में हुए थे ढेर
इससे पहले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के करीबी जय बाजपेई को भू माफिया घोषित किया गया था। इसके अलावा STF सिपाही शिवेंद्र सिंह और BACL निदेशक ब्रजेश सिंह को भूमाफिया घोषित किया गया। जय बाजपेई रेलवे की जमीन पर कब्जा करने का आरोपी है। वहीं पुलिस एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे का करीबी था, जो इस समय जेल में बंद है। बता दें कि इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने एक के बाद एक विकास दुबे समेत 6 बदमाशो को एनकाउंटर ढेर किया था।

2 साल पहले हुआ था बिकरू कांड
2 जुलाई 2020 की रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर घात लगाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस फायरिंग में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे और 6 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद 3 जुलाई की दोपहर विजय नगर चौराहे से जय बाजपेई की तीन लग्जरी कारें लावारिस हालत में पाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक, इन कारों का इस्तेमाल विकास दुबे और उसके गुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए होने वाला था।

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