रेली में छह हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल, पढ़िए किस तरह हुआ खेल

Rohit Kumar
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बरेली। हैसियत प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत मांगना लेखपाल पुरुषोत्तम गंगवार को महंगा पड़ गया। एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को घूस के छह हजार रुपयों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी सदर तहसील के गांव कुमरा में तैनात है और भुता के भड़रिया गांव का रहने वाला है।

इज्जतनगर के न्यूडी रानी गांव निवासी हरीश कुमार राठौर रिलायंस में ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने हैसियत प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद हलका लेखपाल पुरुषोत्तम गंगवार उनके पास आया और पूछताछ कर लौट गया, लेकिन उसने रिपोर्ट नहीं लगाई। हरीश ने लेखपाल से संपर्क किया तो उसने रिपोर्ट लगाने के लिए हरीश से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। हरीश ने रकम बहुत ज्यादा बताकर देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल छह हजार रुपये लेने पर राजी हो गया।

इसके बाद हरीश ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। इसके बाद टीम ने लेखपाल को रंगेहाथों पकड़ने की योजना बनाई। हरीश ने बताया कि सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने उसे छह हजार रुपये देकर लेखपाल को फोन करके पीलीभीत बाईपास रोड पर स्थित बजरंग ढाबे के पास बुलाने के लिए कहा। रिश्वत में दिए जाने नोटों के नंबर अपने पास लिख लिए। लेखपाल के आने पर हरीश ने जैसे ही उसे रुपये दिए तभी टीम ने उसे दबोच लिया। एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को इज्जतनगर थाना पुलिस के सुपुर्द कर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसे मंगलवार को जेल भेजा जाएगा।

रिश्वतखोर लेखपाल गिरफ्तार पर प्रशासन को खबर नहीं

एंटी करप्शन टीम के लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़े जाने की प्रशासन को खबर ही नहीं है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने भी कहा कि उन्हें लेखपाल के गिरफ्तार होने की कोई जानकारी ही नहीं है।
एंटी करप्शन टीम के किसी लेखपाल को रिश्वत लेते पकड़ जाने की मुझे सूचना नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त होने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ एसडीएम से निलंबन की कार्रवाई कराई जाएगी। – शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी

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