कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग के लिए डब्ल्यूएचओ की मंजूरी मिली

Rohit Kumar
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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोरोना वैक्सीन कोवोवैक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी मिल गई है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग के लिए डब्ल्यूएचओ की मंजूरी मिल गई है। इससे कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट कर डब्ल्यूएचओ की मंजूरी पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, यह अभी तक कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक और मील का पत्थर है। कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने डब्ल्यूएचओ के इस सहयोग के लिए उसका धन्यवाद किया।

दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट बच्चों के लिए अमेरिकी दवा कंपनी के टीके को ‘कोवोवैक्स’ के नाम से देश में तैयार कर रही है। इससे पहले भारतीय दवा महानिदेशक (DCGI) ने सीरम को 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों पर इस टीके के परीक्षण की मंजूरी दी थी। सीरम 100 बच्चों पर इसका परीक्षण भी कर चुकी है। परीक्षण के डाटा को डीसीजीआई को मुहैया करा दिया गया था।

भारत में अभी जायडस कैडिला की जॉयकोव-डी वैक्सीन को ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को लगाने के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी।

ब्रिटेन में कोवोवैक्स टीका पर मानव परीक्षण हुए हैं जिनमें इसका असर 89.3 फीसदी तक मिला है। सीरम ने नोवावैक्स कंपनी के साथ 20 करोड़ खुराक के लिए सीरम ने करार किया था। इससे पहले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एस्ट्रोजेनेका कंपनी के साथ भी करार किया था जिस पर भारत में परीक्षण के बाद कोविशील्ड टीका तैयार किया था।

नोवावैक्स-सीरम की इस वैक्सीन को हाल ही में इंडोनेशिया और फिलीपींस में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली थी। इसने भारत में भी आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया था। नोवावैक्स ने यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और डब्ल्यूएचओ के साथ अपने टीके के लिए नियामक फाइलिंग की भी घोषणा की थी।

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