कश्मीरी गेट स्लीपर बस दुष्कर्म कांड: 400 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

News Desk
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नई दिल्ली। कश्मीरी गेट में स्लीपर बस के अंदर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सुर्खियों में आने के बाद उत्तरी जिला पुलिस ने मंगलवार को पीड़िता के दोबारा बयान दर्ज किए।

पीड़िता ने जांचकर्ताओं को बताया कि आरोपितों ने बस के पर्दे से उसके हाथ बांधने की कोशिश की थी। घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए नोएडा पुलिस की टीम भी कश्मीरी गेट थाने पहुंची। दोनों टीमों ने मिलकर घटनाक्रम को दोबारा समझा।

जांच का सबसे बड़ा आधार अब बस के पूरे रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरे हैं। पुलिस ने परी चौक से कश्मीरी गेट तक रास्ते में लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। इन फुटेज को खंगालकर बस की एक-एक लोकेशन और उसकी गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।

जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि बस किन चौराहों और ट्रैफिक जंक्शन से गुजरी। उसकी रफ्तार कहां कम हुई। क्या वह कहीं रुकी। बस के आसपास किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।

दो प्रमुख चेकप्वाइंट पर नजर

पुलिस की नजर दिल्ली-नोएडा सीमा के पास मयूर विहार इलाके पर भी है। यहां सड़क किनारे बैरिकेडिंग होने की जानकारी मिली है। पुलिस यह पता कर रही है कि घटना वाली रात वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती थी या नहीं। ट्रैफिक सिग्नल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज को बस की आवाजाही से जोड़कर देखा जा रहा है।

कश्मीरी गेट पहुंचने से पहले पूरे रूट पर फिलहाल दो प्रमुख चेकप्वाइंट की जानकारी सामने आई है। ऐसे में जांच का अहम सवाल यह है कि करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान बस की निगरानी किस स्तर पर हुई। क्या उसे कहीं रोककर जांचा गया था। कश्मीरी गेट पहुंचने के बाद की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस बैरिकेडिंग, चेकिंग और बस की आवाजाही से जुड़े रिकार्ड की जांच कर रही है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि बस के दिल्ली पहुंचने तक किन-किन जगहों पर उसकी निगरानी संभव थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा व्यवस्था में चूक तो नहीं हुई।

फोरेंसिक साक्ष्यों से भी जुड़ेंगी कड़ियां

पुलिस बस के भीतर मिले संभावित फोरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच करा रही है। जांच के दौरान छात्रा के बाल के कुछ नमूने मिलने की जानकारी सामने आई है। अन्य संभावित साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया गया है।

इनका मिलान आरोपितों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज से किया जा रहा है। इससे घटनाक्रम की पुष्टि करने वाले ठोस साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।

कुलदीप के परिवार का दावा, साजिश के तहत फंसाया गया

उधर, बस चालक कुलदीप का परिवार उसे लगातार निर्दोष बता रहा है। कुलदीप की पत्नी के मुताबिक, करीब दो-तीन महीने पहले उनके ससुर की हत्या हुई थी। इसके बाद कुलदीप करीब एक महीने तक घर पर रहे। फिर उन्होंने करीब 10-15 दिन बस चलाई। इसके बाद वह दोबारा घर लौट आए।

कुछ दिन घर पर रहने के बाद वह चार अगस्त को काम के लिए निकले थे। अगले ही दिन परिवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। कुलदीप की मां ने भी बेटे को निर्दोष बताते हुए मामले की सभी पहलुओं से जांच करने की अपील की है।

परिवार के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर करीब दो महीने पहले कुलदीप के पिता की हत्या हुई थी। मां ने आशंका जताई कि कहीं इसी विवाद से जुड़े लोगों ने उनके बेटे को साजिश के तहत तो नहीं फंसाया। हालांकि, पुलिस ने परिवार की इस आशंका की पुष्टि नहीं की है।

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