नोएडा: ई-कॉमर्स कंपनियों को चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार

News Desk
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नोएडा। फ्लिपकार्ट, अमेजन व अन्य ई-कामर्स साइट से ऑनलाइन सामान खरीदने वाले लोगों को सचेत होने की जरूरत है। जिले में एक ऐसा गिरोह सक्रिय हैं, जो पिकअप ब्वॉय संग मिलकर बीच रास्ते से ही डिलीवरी के महंगे सामान को पैकिंग से निकाल कर बाजार में बेच देते थे। पैकिंग में असली की जगह पर नकली सामान रख देते। इसको नामी कंपनी के रेपर या पैकेट में हूबहू पैक किया जाता।

कई बार ग्राहक सामान को प्रयोग कर लेता या शक होने पर रिटर्न कर पैसे ले लेता। इसका खामियाजा ग्राहक और ई-कामर्स कंपनी प्रबंधन दोनों को होता। यह धंधा पिछले चार माह से चल रहा था। ज्यादातर जूते, प्रोटीन, कपड़े व बीपी नापने आदि की मशीन को बदलते थे।

नोएडा सेक्टर-20 थाना पुलिस और एसओजी ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के सरगना, दो डिलीवरी ब्वॉय समेत पांच शातिरों को सेक्टर-69 से गिरफ्तार किया। इनसे चोरी का 75 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद किया। गिरोह चार माह में करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा का माल चोरी कर चुका। दो सदस्य फरार हैं।

नोएडा सेक्टर 18 में इंस्टामार्ट सर्विसेज कंपनी प्रबंधन का कार्यालय और सेक्टर 69 में इनका नोएडा डिलीवरी प्वाइंट हब है। कंपनी प्रबंधन आर्डर को हब से ग्राहकों को डिलीवरी कराते हैं।

कंपनी प्रतिनिधि बदन सिंह ने शुक्रवार को सेक्टर 20 थाने में दर्ज कराए मामले में बताया कि चार माह से लगातार सामान चोरी हो रहा है। ग्राहक की ओर से एक करोड़ रुपये का सामान चोरी होने की शिकायते आ चुकी हैं।

पांच संदिग्ध को पकड़ा

डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने बताया कि थाना और एसओजी टीम ने जांच की तो दो डिलीवरी ब्वॉय समेत पांच संदिग्ध को सेक्टर 69 में सामान में सेंधमारी करते हुए पकड़ा। इनकी पहचान गाजियाबाद खोड़ा कालोनी के वासिद खान, बुलंदशहर कल्याणपुर गांव के सुनील कुमार, पचौता गांव के धर्मेंद्र, कासगंज नरदोली पुख्ता गांव के विजय सिंह व हरियाणा पलवल के सुनहरी का नंगला गांव के रघुराज सिंह के रूप में हुई। आरोपित 10वीं-12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। वासिद खान सरगना है।

सेलर और हब के बीच माल बदलते

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि ई-कामर्स प्रबंधन पांच आयामों पर सामान बेचते हैं। पहला सेलर प्वाइंट, दूसरा पिकअप हब, सार्टेशन सेल, डिस्ट्रीब्यूटर हब और अंतिम प्वाइंट कंज्यूमर होता है। गिरोह सेलर प्वाइंट और पिकअप हब के बीच ही माल को बदलकर फर्जीवाड़ा करता।

ऐसा करने के लिए ई-कामर्स कंपनी के बिजनेस पैटर्न को बारीकी से समझा। कैसे सामान खरीदा और ग्राहक तक पहुंचाया जाता। यहां तक कि सर्वे कर जाना कि नोएडा में किस छोटे और महंगे सामान की खपत ज्यादा है। इनसे मिलते-झुलते सस्ते सस्ते सामान खरीदे। सामान बदलने में पिकअप ब्वॉय के अनुभव का फायदा उठाया। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि सामान चोरी कराने में और कौन-कौन शामिल हैं। यह चोरी के माल को किसे बेचते।

यह सामान हुआ बरामद 

एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों से अमेजन व फ्लिपकार्ट टैग लगे प्रोटीन के अलग-अलग कंपनी के 55 डिब्बे, 165 पैकेट वाईप्स, 18 जोड़ी जूते, 14 पीस कान की सुनने की मशीन, तीन पीस शुगर जांच मशीन, चार पीस बीपी नापने मशीन, अमेजन-फ्लिपकार्ट के पैकेट व रैपर्स आदि सामान बरामद हुआ।

पहले भी पकड़े जा चुके ऐसे गिरोह

मई 2026 में फेज वन थाना पुलिस ने ऑनलाइन मंगाए मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान को बीच रास्ते बदलने वाले गिराेह को पकड़ा। दिसंबर 2025 में 58 थाना पुलिस, अगस्त 2025 में सेक्टर 126 थाना पुलिस और मार्च 2025 में साइबर क्राइम थाना पुलिस इस तरह के गिरोह पर शिकंजा कस चुकी।

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