साहिबाबाद। एक ओर नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत शहरभर में बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर नागरिकों से अपील कर रहा है कि नालों को कूड़ेदान न बनने दें और प्लास्टिक व कचरा नाले में न फेंकें।
वहीं, दूसरी ओर स्वयं नगर निगम की लापरवाही के कारण वसुंधरा सेक्टर-15 का बरसाती नाला खुद कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है। साईं मंदिर से वैशाली की ओर जाने वाले करीब छह फीट गहरे इस बरसाती नाले का निर्माण कार्य मई में शुरू किया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से पहले इसे पूरा किया जाना था, लेकिन महज कुछ हफ्तों के काम के बाद निर्माण कार्य अचानक ठप पड़ गया। इस नाले का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ और इसमें कूड़ा भरा हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब ठेकेदार से कार्य बंद होने का कारण पूछा गया, तो पता चला कि नगर निगम द्वारा अब तक किए गए काम का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
‘…तो सड़कों पर होगा जलभराव’
नगर निगम प्रशासन के इस सुस्त रवैये की वजह से आज यह नाला अधूरा पड़ा है और इसमें भारी मात्रा में पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतलें और घरेलू कचरा जमा हो गया है।
जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
लोगों का कहना है यदि समय रहते नाले का निर्माण और सफाई पूरी नहीं की गई तो मानसून की अधिक बारिश में क्षेत्र में भीषण जलभराव होगा। इससे आसपास की सोसायटियों और सड़कों पर पानी भर जाएगा।
कांवड़ यात्रा के चलते निर्माण कार्य बंद हो गया था। जल्द ही कार्य शुरू कर पूरा किया जाएगा। साथ ही नाले की सफाई भी कराई जाएगी।
-एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम निर्माण विभाग।

