
गाजियाबाद। गाजियाबाद में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु की स्थिति सामान्य बताने के बाद जन्म लेने वाले बच्चे में गंभीर विकृति मिलने का मामला सामने आया है।
विजयनगर थाने में चार चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा विजयनगर निवासी अविनाश त्यागी की शिकायत पर दर्ज हुआ है।
आरोप है कि चिकित्सकों ने उनकी गर्भवती पत्नी की जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सही तथ्यों के साथ तैयार नहीं की और बच्चे की स्थिति सामान्य होने का भरोसा देकर उनसे रुपये लिए।
अविनाश की पत्नी हिमानी त्यागी बीते वर्ष जुलाई में 5 माह की गर्भवती थी। उनका नियमित चेकअप प्रताप विहार स्थित आस्था अस्पताल में डॉ. गरिमा की देखरेख में चल रहा था।
चिकित्सकों ने पल्ला झाड़ा
उन्होंने 11 जुलाई 2025 को शाहदरा दिल्ली के चंद्रलोक स्थित सुपर डायग्नोस्टिक्स सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराया था। आरोप है कि डा. अमित शर्मा ने रिपोर्ट में बच्चे की स्थिति सामान्य बताई। बाद में 10 नवंबर को आस्था अस्पताल में प्रसव हुआ तो बच्चे की आधी रीढ़ की हड्डी और दोनों पैर प्रभावित मिले। उसके सिर में भी पानी भरा होने की बात है। पीड़ित ने विरोध किया तो चिकित्सकों ने पल्ला झाड़ लिया।
उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर पीड़ित ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई।
कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
कोर्ट के आदेश पर डॉ. अमित शर्मा, सुपर डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक यशवंत मलिक और कपिल समेत आस्था अस्पताल की डॉ. गरिमा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
