अमेरिकी सेब पर एडिशनल ड्यूटी खत्म करने पर सरकार की सफाई, स्थानीय प्रोड्यूसर्स को नहीं होगा कोई नुकसान

Rohit Kumar
2 Min Read

नई दिल्ली: वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को बताया कि सेब के न्यूनतम आयात मूल्य में कोई कमी नहीं की गई है और अमेरिका से आने वाले सेब पर भी शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है।

घरेलू किसानों पर सरकार का ध्यान

सरकार ने बताया कि भारतीय सेब के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमने सेब पर अधिक आयात शुल्क रखा है ताकि घरेलू किसानों को विदेशी सेब से प्रतिस्पर्धा नहीं करना पड़े और उनकी बिक्री प्रभावित नहीं हो।

कांग्रेस ने लगाया था आयात शुक्ल कम करने का आरोप

कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को सरकार पर सेब के आयात पर शुल्क को कम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस का कहना था कि इस फैसले से हिमाचल पर जम्मू के सेब किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। बारिश की वजह से ये किसान पहले से ही दिक्कत में है। सेब की गुणवत्ता बारिश से प्रभावित हुई है।

सेब पर लगता है मूल्य पोर्ट

गोयल ने बताया कि सेब का न्यूनतम आयात मूल्य 50 रुपए प्रति किलोग्राम है और यह मूल्य पोर्ट का है। इसके अलावा आयातित सेब को बाजार तक पहुंचने में कई प्रकार के शुल्क देने पडते हैं और ऐसे में किसी भी हाल में आयातित सेब हमारे घरेलू सेब से सस्ता नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि विरोधी राजनीतिक दल सेब के आयात को लेकर गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यह बात भी सही है कि भारत जरूरत के मुताबिक सेब का उत्पादन करने में सक्षम नहीं है और जरूरत को पूरा करने के लिए सेब का आयात किया जाता है।

Share This Article
Leave a Comment