गौतम अडानी समूह की तीन कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. बीएसई और एनएससी ने शुक्रवार को कहा कि तीन अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों को ASM फ्रेमवर्क से बाहर कर दिया है. ये आदेश 15 मई से प्रभावी होगा. इसमें से दो कंपनियों को 24 मार्च को जांच के दूसरे चरण से हटाकर पहले स्टेज में डाला गया था और अब इन्हें बाहर कर दिया गया है.
कौन कौन सी कंपनियां हुईं बाहर
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि अडानी टोटल गैस लिमिटेड, अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड और अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को एएसएम फ्रेमवर्क से बाहर किया जाएगा. इसे लंबे समय से एएसएम फ्रेमवर्क में रखा गया था.
अडानी ट्रांसमिशन जुटाएगा 8,500 करोड़ रुपये
अडानी ग्रीन एनर्जी को फर्स्ट स्टेज लॉन्ग टर्म एएसएम फ्रेमवर्क में पिछले महीने ही रखा गया था और बाकी दो स्टॉक को मार्च में पहले स्टेज में रखा गया था. अडानी ट्रांसमिशन ने शनिवार को कहा था कि बोर्ड ने 8,500 करोड़ रुपये मार्केट से जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है.
यह कंपनी भी जांच के दायरे से बाहर
बीएसई और एनएसई की वेबसाइट पर ASM फ्रेमवर्क से निकालने की जानकारी दो अलग-अलग सर्कुलर में दी गई है. इसके अलावा पीसी ज्वेलर्स स्टॉक को भी एएसएम फ्रेवर्क से बाहर करने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा, MSCI ने गुरुवार को कहा था कि अडानी ग्रुप की दो कंपनियों अडानी टोटल गैस और अडानी ट्रांसमिशन को MSCI India Index से बाहर किया जाता है, जो समूह की कंपनियों के लिए एक झटका है.
क्यों जांच के दायरे में थे अडानी समूह के शेयर
MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स का उपयोग आमतौर पर वैश्विक निवेश संस्थानों द्वारा ग्लोबल इक्विटी पोर्टफोलियो को मापने के लिए किया जाता है. बता दें कि अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी की कंपनियों पर स्टॉक हेरफेर, धोखाधड़ी संबंधी आरोप लगाए थे, जिसके बाद इन कंपनियों को जांच के दायरे में रखा गया था.

