जनरल नरवणे ने पैराशूट रेजिमेंट की बटालियनों को राष्ट्रपति ध्वज प्रदान किए

Rohit Kumar
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बेंगलुरु। थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को बेंगलुरु में पैराशूट रेजिमेंट ट्रेनिंग सेंटर में चार पैराशूट बटालियनों को प्रेसिडेंशियल कलर्स प्रदान किए। राष्ट्रपति के रंग या ‘निशान’ का पुरस्कार युद्ध और शांति दोनों के दौरान राष्ट्र के लिए अपनी असाधारण सेवा की मान्यता में एक सैन्य इकाई को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। इस सम्मान को हासिल करने वाली चार बटालियन 11 पैरा (विशेष बल), 21 पैरा (विशेष बल), 23 पैरा और 29 पैरा हैं। बता दें कि इस दौरान पैराशूट रेजीमेंट प्रशिक्षण केंद्र (पीआरटीसी) में ‘कलर प्रेजेंटेशन परेड’ भी आयोजित की गयी। इस मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कॉम्बैट फ्री फॉल का हुआ प्रदर्शन

परेड में आठ पैरा ट्रूपर्स ने ‘कॉम्बैट फ्री फॉल’ का प्रदर्शन भी किया गया। हालांकि, तेज हवाओं के कारण पैरामोटर उड़ान का प्रदर्शन बाद में रद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रेसिडेंशियल कलर्स पुरस्कार युद्ध तथा शांति दोनों के दौरान राष्ट्र को दी गई असाधारण सेवा के लिए किसी सैन्य टुकड़ी को दिए जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। यह निशान के नाम से भी प्रसिद्ध है।

सेना प्रमुख बोले- संभावित खतरे के लिए सेना तैयार

बता दें कि थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने इस दौरान यह संदेश दिया कि भारतीय सेना देश की सीमाओं पर शांति और स्थायित्व बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना ने नए हथियारों और आधुनिक उपकरणों में अपनी दक्षता बढ़ाई है। नरवणे ने कहा कि युद्ध क्षेत्र में बदलाव के साथ ही हथियारों के इस्तेमाल, सेनाओं को संगठित करने और युद्ध लड़ने के तरीकों में काफी बदलाव आए हैं। सेना ने नए हथियारों और आधुनिक उपकरणों में अपनी दक्षता बढ़ाई है, लेकिन फिर भी बदलाव की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

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