परीचौक के पास नए यू-टर्न से हादसे का खतरा, बैरिकेड हटते ही शुरू हुई रॉन्ग साइड आवाजाही

News Desk
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ग्रेटर नाेएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर परीचौक के पास बने नए यूटर्न से हादसे का खतरा बढ़ गया है। इस यूटर्न को अभी आधिकारिक तौर पर खोला भी नहीं गया है, लेकिन बैरिकेड हटते ही लोगों ने खुद ही इसे खोलकर आवाजाही शुरू कर दी है।

हैरानी की बात यह है कि न तो प्राधिकरण इस पर ध्यान दे रहा है और न ही ट्रैफिक पुलिस। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि दोपहिया वाहन चालक इस यूटर्न पर रांग साइड में चलने लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रहती है।

ऐसे में विपरीत दिशा से आ रहे वाहन से भीषण टक्कर का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा मानकों की बात करें तो एक्सप्रेसवे पर यूटर्न खोलने से पहले स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती जरूरी होती है, लेकिन यहां कुछ भी नहीं किया गया है।

रात के समय तो खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि यूटर्न पर कोई लाइट या चेतावनी बोर्ड नहीं है। तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आए वाहन से टकरा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि परीचौक पर जाम से बचने के लिए प्राधिकरण यूटर्न बनाया है। लेकिन बिना सुरक्षा इंतजाम के इसे आधिकारिक रूप से शुरू नहीं किया गया है।

लोग अपनी सुविधा के लिए यहां से रांग साइड निकल रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर इस तरह का अनियोजित यूटर्न जानलेवा साबित हो सकता है। यहां सीसीटीवी और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होनी चाहिए।

जब तक पूरी तरह से सुरक्षा इंतजाम न हों, यूटर्न को बंद रखा जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के हादसे को टाला जा सके। डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्र का कहना है कि प्राधिकरण से बात कर यूटर्न पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। विपरीत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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