ग्रेटर नोएडा। छह वर्ष से अवैध वीजा पर भारत में रह कर पत्नी के नाम कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहे चीनी नागरिक को बीटा दो कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपित की पहचान सोंग शियामाओ के रूप में हुई।
आरोपित ने पहचान छिपाने फर्जी आधार कार्ड, पैन और अन्य दस्तावेज बनवा लिए थे। इन्हीं दस्तावेजों से मोबाइल सिम भी हासिल कर लिया था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार के मुताबिक, पिछले सप्ताह बिना वीजा रह रही म्यांमार की घरेलू सहायिका ललाई को गिरफ्तार किया था। घरेलू सहायिका जिस घर में काम करती थी। उसमें एक चीनी नागरिक भी रहता था। पिछले दिनों कार्रवाई के दौरान आरोपित पुलिस को देखकर भाग निकला था, जब पुलिस ने उससे वीजा संबंधी दस्तावेज मांगे तो चीनी नागरिक होने का पता चला।
क्या है पूरा मामला?
गहनता से जांच में सामने आया कि आरोपित का भारतीय वीजा 25 जून 2020 को ही समाप्त हो चुका था। फिर भी उसने भारत नहीं छोड़ा न ही वीजा की समय सीमा बढ़ाने से संबंधित आवेदन आदि किया। बल्कि मणिपुर की महिला से शादी करके पत्नी के नाम से ही कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालन शुरू कर दिया।
कंपनी में कई भारतीय काम भी कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि वीजा समाप्त होने के बाद उसने नोएडा के पते पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया। उसी आधार कार्ड के जरिये पैन कार्ड बनवाकर मोबाइल सिम भी हासिल कर ली गई।
पूरा घटनाक्रम सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग और पहचान छिपाने की साजिश की ओर संकेत करता है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपित के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, वीजा की प्रति और अन्य कागजात जब्त किए हैं। आरोपित के विदेशी नागरिक होने के कारण संबंधित एजेंसियों और दूतावास को भी सूचना भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
