
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी का कारोबारी नेटवर्क तेजी से फैल रहा है. पिछले दिनों कैंपा कोला का अधिग्रहण करने के बाद अब ग्रुप ने एक और कंपनी का टेक ओवर प्रोसेस पूरा कर लिया है. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया कि रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के जर्मनी की कंपनी मेट्रो एजी (Metro AG) के देश में थोक व्यापार का अधिग्रहण करने को मंजूरी प्रदान कर दी है.
2,850 करोड़ रुपये में हुआ सौदा
रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की सहयोगी कंपनी है, जबकि मेट्रो एजी (Metro AG) की मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया भारत में होलसेल बिजनेस करती है. पिछले साल दिसंबर में यह घोषणा हुई थी कि आरआरवीएल ने 2,850 करोड़ रुपये में कंपनी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए समझौते किए हैं. नियामक ने ट्वीट कर जानकारी दी कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) के मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी गई है.
मेट्रो के बारे में और जानें
मेट्रो इंडिया ने देश में 2003 में अपने कारोबार की शुरुआत की थी. मेट्रो एजी देश में पहली कंपनी थी जो कैश एंड कैरी बिजनेस फॉरमेट लेकर आई. कंपनी के 21 शहरों में 31 बड़े स्टोर्स हैं, जिन पर हम रिलायंस का मालिकाना हक हो गया है. इन शहरों में कंपनी के स्टोर में 3500 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. इस अधिग्रहण के बाद रिलायंस रिटेल को सीधे तौर पर फायदा होगा.
