
दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर पंचशील मेट्रो स्टेशन के पास युवती का पीछा कर उसकी स्कूटी में टक्कर मारने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के चार दिन बाद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही उनकी पहचान हो पाई।
पुलिस ने घटनास्थल के चार किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर जांच शुरू की है, पर अभी तक ऐसा कोई संदिग्ध सामने नहीं आया है, जिसकी गतिविधियां घटना के समय और स्थान से मेल खाती हों।
वहीं, पुलिस अब इलाके का डंप डाटा निकलवाने की तैयारी कर रही है, जिससे घटना के समय मौके पर मौजूद संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की जा सके।
हौजखास थाना पुलिस के साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए जिले की कई विशेष टीमों को भी लगाया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की गई है।
आरोपियों की पहचान करने में जुटी पुलिस
जानकारी के अनुसार, अभी तक के विश्लेषण में आरोपियों की पहचान को लेकर कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस टीम ने पीड़िता से आरोपितों के हुलिए और कपड़ों के बारे में जानकारी ली है। इससे माना जा रहा है कि पुलिस आरोपियों के स्कैच भी बनवाने की तैयारी कर रही है।
युवती का पीछा करते रहे
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर की रात करीब 12 बजे युवती मालवीय नगर स्थित कार्यालय से अपनी स्कूटी पर घर लौट रही थी। पंचशील मेट्रो स्टेशन के पास बाइक सवार दो युवकों ने पहले उसका पीछा करने शुरू किया। करीब आकर उस पर अश्लील टिप्पणियां करने लगे। युवती के आगे बढ़ने के बावजूद दोनों उसका पीछा करते रहे।
आरोप है कि इस बीच आरोपितों ने बाइक से स्कूटी में टक्कर मार दी। युवती सड़क पर करीब 100 से 150 मीटर तक स्कूटी के साथ घिसटती चली गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
वहीं, गंभीर चोट की वजह से युवती को पहले मैक्स अस्पताल साकेत ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे मेदांता अस्पताल, नोएडा भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी है।
