
नई दिल्ली। तिलक नगर कॉलोनी अस्पताल की तर्ज पर MCD के पांच और अन्य अस्पतालों में डायलसिस की सेवा किफायती दरों पर मिलेगी। इसके लिए MCD निविदा बनाने का कार्य कर रहा है।
हर माह इससे 3600 मरीजों को डायलसिस की सुविधा मिलेगी। साथ ही दिल्ली के अन्य निजी एवं चैरिटेबल संस्थाओं से सस्ती भी यह होगी। अगले चार से पांच माह में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। जिससे उन लोगों को सुविधा होगी जो कि डायलसिस सेंटरों की कमी के कारण परेशान होते हैं।
MCD अधिकारियों के अनुसार तिलक नगर कॉलोनी अस्पताल में डायलसिस की सुविधा MCD ने प्रयोग के तौर पर शुरू की थी। जिसमें प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल पर यह सेवा दी गई थी। जहां पर यह प्रयोग सफल हुआ।
इसी को देखते हुए इस प्रयोग में और सुधार करते हुए सात और अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक अस्पताल में 10-10 डायलसिस यूनिट स्थापित की जाएगी। जहां पर सोमवार से शनिवार तक यह सुविधा मिलेगी।
अधिकारी ने बताया कि फतेहपुरी बेरी स्थित केंद्र के साथ अपने बालकराम अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल, हिंदूराव, पूर्णिमा सेठी और माता गुजरी अस्पताल में यह सुविधा स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इससे प्रतिदिन करीब 140 मरीज को डायलसिस की सुविधा मिलेगी। इस प्रकार औसत 120 मरीज प्रतिदिन मानकर चले हर माह 3600 मरीजों को यह सुविधा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि क्रानिक किडनी डिजीज, किडनी फेलियर, एक्यूट किडनी इंजरी, नेफ्रोटिक सिंड्रोम के गंभीर मामले, पालीसिस्टिक किडनी डिजीज के अंतिम चरण समेत आदि मामलों में डायलसिस की जरुरत होती है।
CGHS से भी कम दरों पर सुविधा देने की कोशिश
MCD के अनुसार फिलहाल तिलक नगर के कॉलोनी अस्पताल में CGHS दरों पर यह सुविधा प्रदान की जा रही थी लेकिन इसे और किफायती करने के लिए MCD निविदा को इस प्रकार बनाएगी कि इससे भी कम दरों पर यह सुविधा मिले।
उन्होंने कहा कि यह कार्य उसी एजेंसी या संस्था को दिया जाएगा जो CGHS दरों से भी कम पर यह सुविधा दें। जो सबसे कम दाम लेगा उसे यह कार्य दिया जाएगा।
फिलहाल सीजीएसएच में अलग-अलग मरीजों के हिसाब से 2500 से 3000 रुपये का खर्च होता है। MCD अधिकारी ने बताया कि इस सुविधा का लाभ प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (पीएमजय) के तहत भी मिल सकेगा। यानि ऐसे मरीज जो आयुष्मान भारत के जरिये इलाज करा रहे हैं उनको भी यह सुविधा मिल सकेगी।
