
ग्रेटर नोएडा। टेलीकॉम और एआई इंड्रस्ट्री में जिस तरह से तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के बीच तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव वाले प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत पड़ रही है। उसी के अनुरूप गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को तैयार करने का काम कर रहा है।
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के पढ़ाई के साथ ही उससे जुड़े व्यावहारिक अनुभव देने का काम किया जा रहा है। इससे यहां पर टेलीकॉम या एआई से जुड़ी पढ़ाई कर रहे छात्र पहले दिन से ही इंड्रस्ट्री के लिए तैयार हैं और वह उनके काम को आसान कर रहे हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के पहले सरकारी विश्वविद्यालय जीबीयू में नोकिया सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करना है। इसे नोकिया के सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत संचालित इस सेंटर का क्रियान्वयन टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल कर रहा है।
इसके माध्यम से अभी तक कुल 200 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो वह अब इंड्रस्ट्री में काम करने के लिए तैयार हैं। परियोजना के तहत कुल 720 अभ्यर्थियों को एआई, मशीन लर्निंग (एमएल), फाइव-जी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी दिया जा रहा है, जिससे वे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित कर सकें। प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को टेलीकॉम और नेटवर्किंग क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
तीन पाठ्यक्रमों में मिले रहा प्रशिक्षण
परियोजना के तहत तीन प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें एआई एवं एमएल एडवांस्ड पाठ्यक्रम में 210 अभ्यर्थियों, एआइ एवं एमएल फाउंडेशन में 210 अभ्यर्थियों और फाइव-जी विथ आइओटी पाठ्यक्रम में 300 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अभ्यर्थियों को टेलीकाम तकनीशियन-आईओटी डिवाइस एवं सिस्टम और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर-फाइव-जी नेटवर्क और एआई/एमएल जैसी औद्योगिक भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
अत्याधुनिक लैब में मिल रहा प्रायोगिक प्रशिक्षण
परियोजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लैब स्थापित की गई है। इसमें फाइव-जी नेटवर्किंग उपकरण, स्मार्ट आइओटी एग्रीकल्चर मानिटरिंग किट, एनर्जी मानिटरिंग सिस्टम और जरूरी टेस्टिंग टूल्स लगाए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी अवधारणाओं को समझने के साथ ही वास्तविक उपकरणों पर काम करने का अवसर मिल रहा है।
प्रशिक्षण प्राप्त बीटेक सीएसई से चौथे इयर के छात्र प्रिंस और बीटेक कंप्यूटर साइंस से थर्ड इयर के छात्र शशांक कुशवाहा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान टेलीकॉम और एआई के अपडेट जानकारियां हासिल की हैं और इससे उन्हें नौकरी हासिल करने में लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जो चीजें उन लोगों को इंटर्नशिप के दौरान सीखने को मिलती हैं, वह उन लोगों ने प्रशिक्षण के दौरान ही हासिल कर ली है।
एआई और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए सेंटर की स्थापना की गई है। यहां पर प्रशिक्षण हासिल करने वाले विद्यार्थी इंड्रस्ट्री के लिए पहले दिन से ही काम सकेंगे। इन्हें कोई अलग से इंटर्नशिप की जरूरत नहीं रहेगी। – प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, जीबीयू
