आया नगर खूनी रंजिश मामला: जिम ट्रेनर और डेयरी संचालक हत्याकांड में फरीदाबाद के शूटर कमल अधाना का नाम आया सामने, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

News Desk
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दक्षिणी दिल्ली। आया नगर में 14 सितंबर को जिम ट्रेनर विजय कुमार की 18 गोलियां मारकर हत्या मामले में भी फरीदाबाद के तिगांव निवासी कमल अधाना का नाम सामने आया है।

30 नवंबर 2025 को डेरी संचालक रतनलाल की हत्या मामले में भी वह मुख्य साजिशकर्ता था। उसे जनवरी के पहले सप्ताह में नीरज फरीदपुरिया के शूटर नरेन्द्र उर्फ नीटू के साथ गिरफ्तार किया था। उसके जेल जाते ही उसके दूसरे भांजे अंकित कल्ली ने कमान संभाल ली।

काफी पहले ही शुरू हो गई थी खूनी रंजिश की शुरुआत

बता दें कि आया नगर गांव में खूनी रंजिश की शुरुआत 15 मई 2025 को प्रापर्टी डीलर अरुण लोहिया का हत्या के साथ शुरू हुई। कमल अधाना मृतक अरुण का मामा है और अंकित कल्ली बड़ा भाई है, जो वर्तमान में थाईलैंड में है।

दोनों हत्याओं की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने हाल ही में अरुण के पिता रामबीर लोहिया को गिरफ्तार किया। 30 नवंबर 2025 से तीन दिन पहले आया नगर में उसी के घर में हत्या की साजिश रची गई थी।

शूटरों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी

रामबीर लोहिया की निशानदेही पर पुलिस अब हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश तक गैंग्सटर नीरज फरीदपुरिया और रणदीप भाटी के शूटरों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

बता दें कि आया नगर गांव में खूनी रंजिश की शुरुआत 15 मई 2025 को प्रापर्टी डीलर अरुण लोहिया का हत्या के साथ शुरू हुई। दोनों हत्याएं कमल अधाना ने अपने भांजे अरुण लोहिया की हत्या का बदला लेने के लिए गैंग्सटर नीरज फरीदपुरिया व रणदीप भाटी की मदद से कराई है।

जिम ट्रेनर हत्या मामले में चार में तीन शूटर अंकुश, निखिल उर्फ गप्पू व दीपक आया नगर के ही रहने वाले हैं। इनमें से दीपक जेल में है तो वहीं अब डेरी संचालक की हत्या मामले में अब अरुण लोहिया के पिता रामबीर लोहिया को भी गिरफ्तार किया गया। बाकियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।

तीन आरोपितों में से दो के परिवार को बनाया गया निशाना

मई 2025 में हुए अरुण लोहिया हत्याकांड में आया नगर के ही दीपक, योगेश और अजय पर आरोप लगे। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। दीपक भले ही जेल चला गया पर पूरा गांव किसी बड़ी वारदात को लेकर सशंकित था।

दीपक के पिता रतनलाल घर के पास डेरी चलाते थे। वहां जाने के लिए एहतियातन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते थे। घटना के ठीक साढ़े छह महीने बाद 30 नवंबर की सुबह भी इसी तैयारी के साथ वे घर से निकले।

संडे मार्केट में पहले से घात लगाए बदमाशों ने 70 से अधिक गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। तब से पुलिस की मुस्तैदी गांव में बढ़ा दी गई थी।

बावजूद इसके ठीक साढ़े नौ महीने बाद तिहाड़ जेल में बंद तीसरे आरोपित अजय के बड़े भाई विजय कुमार की भी हत्या कर दी गई।

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