
ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसाइटी में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विजिटर्स, डिलीवरी बॉय और मेड की एंट्री पर प्रबंधन द्वारा फिर से रोक लगाने के आरोप के बाद आक्रोशित निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को आक्रोशित निवासियों ने सोसाइटी के मुख्य गेट पर हंगामा किया और विरोध जताते हुए गेट बंद कर दिया। इससे सोसाइटी में प्रबंधन और निवासियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। विरोध के दौरान लोगों ने सोसाइटी की मेंटेनेंस व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठाए।
बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी में मेंटेनेंस व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर निवासियों व प्रबंधन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन ने सोसाइटी में आने वाले विजिटर्स, डिलीवरी कर्मियों, मेड, इलेक्ट्रिशियन और कारपेंटर जैसे कामगारों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी है और उन्हें गेट पर लंबे समय तक रुकवाया जा रहा है। इससे नाराज लोगों ने मुख्य गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन
नोएडा एक्सटेंशन की हाई-राइज सोसाइटियों में मेंटेनेंस और सुरक्षा संबंधी मतभेद आए दिन सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन अजनारा होम्स में विवाद का दौर लगातार जारी है। रविवार शाम लगभग 6 बजे मामला बिगड़ गया, जब ऑफिस से लौट रहे निवासियों को पता चला कि घरों में काम करने वाली मेड, ऑनलाइन डिलीवरी कर्मी और मैकेनिकों को सुरक्षा गार्ड गेट पर रोककर बैठा रहे हैं। इससे क्षुब्ध निवासी मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और बड़ी संख्या में पहुंचकर बिल्डर प्रबंधन के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
पीने योग्य साफ पानी नहीं है
निवासियों का कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों से सोसाइटी में पीने योग्य साफ पानी, बेहतर लिफ्ट सेवा और नियमित मेंटेनेंस जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। पानी की टंकियों की समय पर सफाई न होना, लिफ्ट का बार-बार बीच रास्ते में रुक जाना, जिसमें हाल ही में बच्चे और बुजुर्ग भी फंसे व घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था चरमरा जाने जैसी समस्याएं निवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
मेन गेट बंद किए
इन समस्याओं से खफा होकर कई फ्लैट मालिकों ने मेंटेनेंस चार्ज देना रोक दिया था। निवासियों का आरोप है कि प्रबंधन अब उन्हें दबाव में लाने के लिए जरूरी सेवाओं और बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर रोक लगा रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। गेट पर हुए विरोध-प्रदर्शन के चलते मुख्य प्रवेश द्वार बंद हो गए और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
विरोध के बाद प्रबंधन ने बदला फैसला
निवासियों ने साफ शब्दों में पूछा, जब आवश्यक सुविधाएं ही नहीं मिल रही हैं, तो हम मेंटेनेंस शुल्क किस लिए दें और उसका बदला हमारी जरूरी सेवाओं को रोककर क्यों लिया जा रहा है? कई घंटों तक चले गतिरोध और निवासियों के संगठित विरोध के बाद प्रबंधन को अपना रुख बदलना पड़ा, जिसके बाद कामगारों की एंट्री बहाल करने की कोशिश की गई। अब सोसाइटी के लोग मौजूदा मेंटेनेंस टीम को हटाकर पूरी जिम्मेदारी AOA को सौंपने और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से बिल्डर के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
