दक्षिणी दिल्ली। दस साल पहले तक जो बेटा परिवार का दुलारा हुआ करता था, जिससे परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठाने की उम्मीद की जा रही थी।
उसे सिजोफ्रेनिया बीमारी ने उस मोड़ पर पहुंचा दिया, जहां एक पिता ही 38 वर्षीय बेटे का कातिल बन गया। बेटे के उग्र व्यवहार, बीमारी और आए दिन के विवाद से तंग आकर पिता ने ही दोस्त की मदद से रस्सी से गला घोंट दिया।
इसके बाद पत्थर से सिर कुचलकर शव को कालिंदी कुंज के सुनसान इलाके में कंटेनर में फेंक दिया। पुलिस ने व्यक्ति व उसके दोस्त को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है।
23 अगस्त की शाम को कालिंदी कुंज थाना क्षेत्र की कच्ची कालोनी, गली नंबर-1 में एनटीपीसी की दीवार के पास स्थित एक पुराने कंटेनर से 38 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ था।
युवक का सिर पत्थर से कुचले जाने की वजह से उसकी शिनाख्त कराना पुलिस के लिए चुनौती बन चुका था। दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक जांच में पता चला कि स्थानीय लोग इसे ‘बबलू का कंटेनर’ बोलते हैं।
घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर कैमरा-टू-कैमरा आवाजाही का ट्रेल तैयार किया गया तो युवक दो लोगों के साथ घटनास्थल की तरफ जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच में दोनों संदिग्ध गोविंदपुरी की गली नंबर 13 स्थित एक सिलाई फैक्ट्री में जाते दिखाई दिए।
पुलिस ने फैक्ट्री से दोनों को दबोचकर पूछताछ की तो उनकी पहचान तालुकदार अंसारी और मोहम्मद वसीम उर्फ अकबर के रूप में हुई। दोनों गली नंबर सात में रहते हैं और उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के रहने वाले हैं। पूछताछ में तालुकदार अंसारी ने बताया कि शव उनके बेटे गुल हसन का है। इसके साथ ही हत्या की बात भी स्वीकार कर ली।
बीमारी और बेटे के व्यवहार से था परेशान
तालुकदार ने पुलिस को बताया कि वह 20 साल से दिल्ली में रहकर सिलाई का काम कर रहा है। दो बेटियों और तीन बेटों में गुल हसन सबसे बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी।
उसे करीब दस साल पहले सिजोफ्रेनिया बीमारी हो गई, जिसका असर धीरे-धीरे बढ़ता ही गया। शुरुआत में चिकित्सक को दिखाने के बजाय परिवार झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ा रहा। करीब डेढ़ वर्ष से इहबास में उसका उपचार चल रहा था।
उसने बताया कि कुछ माह से बीमारी के चलते बेटे का व्यवहार उग्र हो गया था। बहन-भाइयों ही नहीं उनके साथ भी मारपीट करने लगा था। इससे परेशान होकर उन्होंने दोस्त वसीम उर्फ अकबर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और इलाज के बहाने कालिंदी कुंज लेजाकर वारदात को अंजाम दिया।
कपड़े की कतरन से बनाई थी रस्सी
तालुकदार ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के इरादे से कपड़े की कतरन से दोनों ने रस्सी बनाई थी। दोनों ने पहले गुल हसन के सिर पर पत्थर से वार किया। इसके बाद कपड़े की कतरन से बनी रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
फिर पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर पत्थर से वार करने के बाद शव को कंटेनर के अंदर फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पत्थर, खून से सने कपड़े और इस्तेमाल की गई रस्सी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पिता तालुकदार अंसारी और उसके दोस्त मोहम्मद वसीम उर्फ अकबर को जेल भेज दिया है।
