नोएडा में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज, 48 घंटे में 19 नए केस मिले

News Desk
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नोएडा। राजधानी दिल्ली के बेहद करीब गौतमबुद्ध नगर में एच1एन1 संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को 48 घंटे के अंदर स्वाइन फ्लू के 19 और नए केस मिले हैं। इसी के साथ मरीजों की कुल आंकड़ा प्रदेश में सबसे ज्यादा 209 पर पहुंच गई है।

सभी मरीजों की प्राइवेट अस्पतालों में हुई जांच और किसी के अभी तक गंभीर स्थिति में नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी राहत में हैं। सीएमओ के निर्देश पर जनपद के सभी अस्पताल प्रबंधन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट पर हैं। जिला अस्पताल में सोमवार से शुरू हुई फीवर ओवर में पहले दिन 60 मरीजों ने जांच एवं परामर्श का लाभ लिया।

पिछले दिनों हुई झमाझम वर्षा के बाद मौसम बदलने से ज्यादातर लोग बुखार,खांसी, जुकाम और सिर दर्द समेत अन्य समस्या से जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली। सबसे ज्यादा भीड़ बाल रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, जनरल फिजिशियन, हड्डी रोग विभाग और बीपी मापने की ओपीडी में देखी गई।

प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार, रक्षाबंधन के बाद अस्पताल में 4249 मरीजों ने विभिन्न ओपीडी में चिकित्सकों से जांच एवं परामर्श का लाभ लिया जबकि ओपीडी नंबर-10 फीवर क्लीनिक में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कुल 60 महिला एवं पुरुष मरीज जांच कराने पहुंचे। राहत की बात है कि इन मरीजाें की गंभीर स्थिति नहीं होने के चलते विशेषज्ञों ने एंटीजन जांच नहीं कराई।

48 घंटे में निजी अस्पतालों में 19 मरीजों में पुष्टि

सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी का कहना है कि 48 घंटे में प्राइवेट अस्पतालों से 19 मरीजों की स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। शासन के निर्देश पर एच1एन1 की जांच के लिए मरीजों को सी-श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में बुखार, खांसी-जुकाम, सिर-बदन दर्द, अकड़न, अस्थमा मरीज को सांस लेने में गंभीर समस्या और हृदय बीमारी व अन्य गंभीर परेशानी के मरीजों को रखा गया है।

आईसीयू के डॉक्टरों की छुट्टी रद, आदेश जारी

सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा ने एच1एन1 फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए आइसीयू में तैनात डाक्टरों की अग्रिम आदेश तक छुट्टी रद कर दी है। उन्होंने लिखित आदेश जारी कर सभी को निर्देश दिए कि शासन के कोई भी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी से नहीं हटेंगे। मरीजाें के इलाज एवं उनकी देखभाल में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग में 100 आशा वर्करों की हुई भर्ती

सीएमओ की मानें तो शासन की जनहितकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और मरीजों की सतत निगरानी व डेटा अपलोड करने के लिए 100 आशा वर्करों को भर्ती किया गया है। सभी को ग्रामीण और अन्य क्षेत्रों में भेजकर अभियान व योजनाओं को तेज कराया जाएगा। विशेषकर पोलियो टीकाकरण, किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी लगवाने, खसरा-रूबेला टीकाकरण समेत अन्य वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक कराया जाएगा।

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