
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम में गंभीर रूप से बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा लिए गए कड़े फैसले आज यानि 1 नवंबर लागू होने जा रहा है. GRAP के तहत आज से दिल्ली में वाहनों पर नई पाबंदियां लागू हो गई हैं, जिसके चलते सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं. हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में चले जाने के बाद, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने 21 अक्टूबर से ही GRAP का पहला चरण (Stage I) लागू कर दिया था.
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्यावरण विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. इन नियमों के प्रभावी और सख्ती सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों को मैदान में उतार दिया गया है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को उसके उद्गम स्थल यानी ‘सोर्स’ पर ही रोकना है. इसके लिए इस बार पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है. एएनपीआर (ANPR) कैमरों और एआई-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से शहर के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जाएगी.
एक नवंबर से लागू होने वाले प्रमुख प्रतिबंध एवं दिशा-निर्देश
वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध (1 नवंबर से 31 जनवरी): दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस-IV (BS-IV) तथा उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले डीजल और पेट्रोल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश और परिचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, अग्निशमन गाड़ाइयों, पुलिस वाहनों तथा अन्य अधिसूचित आपातकालीन एवं छूट प्राप्त वाहनों को इससे मुक्त रखा गया है.
निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक (1 नवंबर से 31 जनवरी): धूल प्रदूषण को रोकने के लिए इस अवधि के दौरान सभी प्रकार की धूल उत्पन्न करने वाली विध्वंस (डिमोलिशन) और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी. हालांकि, आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय शर्तों के अधीन छूट दी गई है. इसके अलावा, निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल जैसे आंतरिक कार्य धूल नियंत्रण के कड़े मानकों का पालन करते हुए किए जा सकेंगे.
पूर्ण निर्माण प्रतिबंध (10 दिसंबर से 20 जनवरी): सर्दियों के सबसे ज्यादा प्रदूषित दौर में, निर्धारित अपवादों को छोड़कर सभी प्रकार की निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
पार्किंग शुल्क दोगुना (1 नवंबर से 28 फरवरी): लोगों को निजी वाहनों का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करने हेतु दिल्ली के सभी अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है. हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रबंधन वाले पार्किंग स्थल इस नियम के दायरे से बाहर रहेंगे.
कार्यालयों में 50% उपस्थिति और वर्क फ्रॉम होम (1 नवंबर से 31 जनवरी): सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य होगी, जबकि शेष कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था लागू की जाएगी. आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को इससे छूट प्राप्त होगी.
कार्यालयों के अलग-अलग समय: यातायात के दबाव को संतुलित करने के लिए दिल्ली नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे.
सख्त प्रवर्तन और निगरानी व्यवस्था
नियमों का उल्लंघन करने वालों से निपटने के लिए प्रशासन ने त्रिस्तरीय निगरानी और कार्रवाई की योजना बनाई है. दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौराहों पर लगे एएनपीआर कैमरों के जरिए प्रतिबंधित वाहनों की पहचान की जाएगी. ऐसे वाहनों के चालान स्वचालित प्रणाली से कटेंगे. इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की विशेष टीमें सड़कों पर उतरकर वाहनों की भौतिक जांच करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
निर्माण स्थलों पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन: डीपीसीसी और नगर निगम की विशेष टीमें लगातार निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगी. यदि किसी स्थल पर नियमों के विरुद्ध निर्माण या विध्वंस कार्य पाया जाता है, तो मौके पर ही काम रोकने का नोटिस जारी किया जाएगा, भारी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (पर्यावरण जुर्माना) लगाई जाएगी और आवश्यकतानुसार सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी.
एआई-सक्षम आईसीसीसी से निगरानी: संपूर्ण व्यवस्था की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एआई-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को मुख्य केंद्र बनाया गया है. यहां से कैमरों की फीड, ट्रैफिक चालान, प्रवर्तन टीमों की गतिविधियों और निर्माण स्थलों पर की गई कार्रवाइयों की डिजिटल निगरानी होगी. किसी भी प्रकार के उल्लंघन की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र की विशेष टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे.
आम जनता से अपील
- दिल्ली के बाहर पंजीकृत प्रतिबंधित और पुराने वाहनों को राजधानी की सीमा में न लाएं.
- बाहरी निर्माण और विध्वंस कार्यों को तुरंत रोक दें और जहां अनुमति है, वहां धूल नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन करें.
- अपने निजी वाहनों का उपयोग कम से कम करें और सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, बस) तथा कार-पूलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
- खुले में कचरा, सूखी पत्तियां या किसी भी प्रकार का प्लास्टिक व बायोमास न जलाएं.
- यदि आपको कहीं भी प्रदूषण नियमों का उल्लंघन होता दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके.
