साकेत कोर्ट का कड़ा रुख: 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ ताजा जमानती वारंट जारी

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने साल 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ ताजा जमानती वारंट जारी किया है. कोर्ट ने उन्हें 3 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है. सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी के अदालत में उपस्थित नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई.

जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राहुल जैन ने जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया. शिकायतकर्ता विकास पांडेय की ओर से पेश वकील सक्षम शर्मा ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं. वह काकरोच जनता पार्टी के दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए थे, लेकिन अब देश छोड़ चुके हैं. इस पर अदालत ने उनके खिलाफ ताजा जमानती वारंट जारी किया.

इससे पहले 17 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि ध्रुव राठी के खिलाफ जारी समन की तामील कराने की कोशिश की गई, लेकिन उनके परिसर पर ताला लगा मिला. इसके बाद फोन के जरिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, हालांकि उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया. बाद में उनके आवास के बाहर समन चस्पा किया गया था. अदालत ने यह भी गौर किया कि ध्रुव राठी को पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था. शिकायतकर्ता की ओर से लगातार समन तामील कराने के प्रयास किए जा रहे हैं.

क्या है पूरा मामला

यह मामला विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडेय की ओर से दायर आपराधिक मानहानि शिकायत से जुड़ा है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ध्रुव राठी ने ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2’ नाम से एक वीडियो अपलोड कर प्रसारित किया था, जिसमें शिकायतकर्ता के खिलाफ कई कथित झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए गए थे. शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में दावा किया गया था कि बीजेपी आईटी सेल ने उन्हें रिश्वत दी थी. इसी वीडियो को लेकर विकास पांडेय ने अदालत का रुख किया था.

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