सऊदी अरब ने तबलीगी जमात पर लगाया प्रतिबंध, बताया- आतंकवाद का द्वार

Rohit Kumar
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नई दिल्‍ली: सऊदी अरब में तबलीगी जमात पर बैन लग गया है। एक ट्वीट में वहां के इस्‍लामिक मामलों के मंत्रालय ने पिछले हफ्ते यह जानकारी दी। सऊदी अरब की सरकार ने तबलीगी जमात को ‘आतंकवाद के द्वारों में से एक’ करार दिया है। सरकार ने जमात के लोगों केा अगले जुमे की नमाज से पहले मस्जिदें खाली करने को कहा है। इस घटनाक्रम पर भारत में भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोग पूछ रहे हैं जमात की आलोचना करने पर ‘इस्‍लामोफोबिक’ कहने वाले सऊदी अरब के इस कदम पर क्‍या कहेंगे।

ट्विटर पर मोनिका लिखती हैं, ‘याद है कैसे भारतीय उदारवादियों ने तबलीगी जमात का बचाव किया था और उनका खुलासा करने वालों को ‘इस्‍लामोफोबिक’ करार दिया था। सऊदी अरब ने आतंकी संबंधों के चलते तबलीगी जमात को बैन कर दिया है।’ अंशुल सक्‍सेना ने कहा, ‘सऊदी अरब ने ‘आतंकवाद के दरवाजों में से एक’ बताते हुए तबलीगी जमात को बैन किया है। इस्‍लामिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों को निर्देश दिए हैं कि वे जुमे की नमाज के दौरान जमात के खिलाफ लोगों को चेताएं। और भारत में, दिल्‍ली पुलिस तबलीगी जमात के मुखिया, मौलाना साद का पता नहीं लगा सकी है।’

एक अन्‍य यूजर ने कहा, ‘सऊदी अरब को बैन करने के फैसले के दूरगामी नतीजे होंगे। यह उन लोगों को करारा जवाब है जो धर्म का इस्‍तेमाल संकीर्ण हितों को साधने के लिए करते हैं। इस कदम के साथ खाड़ी देश ने शायद इस समूह की फंडिंग रोक दी है।’

कुछ लोगों ने तबलीगी जमात के समर्थन में भी लिखा है। सैयद अब्‍दाहू कशक ने लिखा, ‘सहमत हों या असहमत, यह तथ्‍य है कि तबलीगी जमात ने करोड़ों की जिंदगियां बदली हैं, बहुतों को दीन की ओर मोड़ा है। ये लोग दूरदराज के गांवों में जाते हैं और लोगों को दीन सिखाते हैं। मैं तबलीगी जमात का फॉलोअर नहीं हूं लेकिन मैं उनके कर्तव्‍यों के लिए उनका शुक्रगुजार हूं।’

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