टिकट न मिलने से सपा गठबंधन में बगावत, सहयोगी दल तोड़ रहे नाता; सुभासपा में भी फूटे विरोध के स्वर

Rohit Kumar
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी गठबंधन में खींचतान का दौर जारी है. पहले चाचा शिवपाल और अब महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य भी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से नाराज चल रहे हैं. इस बीच बुधवार को महान दल के प्रमुख केशव देव मौर्य ने अखिलेश यादव के साथ गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी है. केशव देव मौर्य ने कहा है कि अखिलेश यादव चाटुकारों से घिरे हैं. अब उन्हें मेरी जरूरत नहीं है. लिहाजा वह गठबंधन तोड़ रहे हैं. उधर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर और उनके बेटे अरविंद राजभर भी यूपी विधान परिषद का टिकट न मिलने से सपा प्रमुख से नाराज हो गए हैं.

केशव देव मौर्य ने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा को अब मेरी जरुरत नहीं है. इसलिए मैं गठबंधन से अलग हो रहा हूं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाटुकारों से घिरे हैं, उन्हे जमीनी कार्यकर्ता की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि जो दबाव बना रहे हैं, उन्हें अखिलेश राज्यसभा या विधान परिषद पहुंचा रहे हैं. अखिलेश यादव मुझसे बात भी नहीं करते.

बेटे के लिए टिकट न मिलने से नाराज राजभर

जानकारी के मुताबिक, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया राजभर अपने बेटे के लिए विधान परिषद का टिकट चाहते थे, लेकिन सपा प्रमुख ने उनको टिकट नहीं दिया है. इसके बाद वह नाराज हो गए हैं. इस बीच अरविंद राजभर ने सपा पर गठबंधन में खुद की अनदेखी का आरोप भी लगाया है. समाजवादी पार्टी ने रामपुर सीट पर आसिम रजा को टिकट दिया है. बताया जा रहा है कि आजम खान की मंजूरी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी ने उनके नाम का ऐलान किया है.

समाजवादी पार्टी से चार MLC

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 13 सीटों पर 20 जून को चुनाव होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों में प्रत्याशियों को लेकर मंथन चल रहा है. समाजवादी पार्टी से स्वामी प्रसाद मौर्य और सोबरन सिंह यादव का नाम तय हो गया है. वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ ही सोबरन सिंह के बेटे मुकुल यादव, जास्मीन अंसारी और शाहनवाज खान उर्फ शब्बू का नाम फाइनल माना जा रहा है. इस बार सपा चार सीट पर अपना उम्मीदवार उतार रही है.

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