
दक्षिणी दिल्ली। एक नामी रियल्टी कंपनी में सेल्स मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा के शव का जल्द अंतिम संस्कार किए जाने के मामले में गुरुग्राम पुलिस की जांच पर अदालत ने सवाल उठाए हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन ने कहा कि शव का अंतिम संस्कार पहले ही किए जाने से जांच प्रभावित हुई है। अदालत ने पुलिस से पूछा कि शव की पहचान होने से पहले उसका अंतिम संस्कार क्यों कराया गया?
अदालत में आज अहम सुनवाई
अदालत इस मामले की सुनवाई आज शनिवार को करेगी। अदालत अपराध स्थल की पूरी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग समेत अन्य बिंदुओं पर भी सुनवाई करेगी।
इससे पहले 20 सितंबर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने बीएनएस की धारा 94 के तहत अज्ञात शव से जुड़े 12 श्रेणियों के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पेश करने का निर्देश दिया था।
सवाल का जवाब नहीं दे सके अधिकारी
मामले की सुनवाई के दौरान बादशाहपुर थाने के उपनिरीक्षक चांदगी राम से पुलिस की ओर से दाखिल अनुपालन रिपोर्ट पर सवाल किए गए। पुलिस अधिकारी इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
उन्होंने केवल इतना कहा कि पुलिस ने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष जवाब दाखिल किया है।
अदालत ने रिपोर्ट को प्रभावी तरीके से देखने के लिए सुनवाई शनिवार तक टालते हुए उपनिरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
