
देहरादून। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को नशामुक्त करने का विजन सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को सौंप रखा है और उन्होंने आदेश दिया हुआ है कि वह अपने जनपदों में नशा तस्करों के सारे नेटवर्क को नेस्तनाबूत कर दें। गढवाल से लेकर कुमांऊ तक नशे के खिलाफ एक बडा ऑपरेशन पुलिस कप्तानों ने चला रखा है और इस ऑपरेशन में बडे-बडे नशा तस्कर अब तक जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री के गृह जनपद उधमसिंहनगर में नशे के नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने के लिए पुलिस कप्तान ने जो मिशन शुरू कर रखा है उसके चलते जनपद नशामुक्त की कतार मे आकर खडा हो गया है और नशे के लिए नशेडी पगलाकर यही पता करने में जुटे हुये हैं कि उनके किस साथी के पास नशा है।
जसपुर में एक कत्ल का जब राज हत्यारे ने खोला तो पता चला कि मृतक व हत्यारा दोनो नशेडी हैं और जबसे जनपद में नशे के खिलाफ मिशन शुरू किया गया है तबसे वहां नशा बिकना खत्म होता जा रहा है जिससे नशा करने वाले नशेडियों में एक खलबली मची हुई है कि वह किस तरह से नशा हासिल कर अपनी प्यास बुझायें। मौत की नींद सुलाये गये व्यक्ति के पास नशा होने की भनक हत्यारे को थी और उसी के चलते उसने अपने नशेडी साथी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या का राज बेनकाब होने के बाद यह बात साफ हो गई कि मुख्यमंत्री का गृह जनपद अब नशामुक्त हो रहा है और नशा बेचने वालों ने अपने इस गोरखधंधे को पुलिस के डर से बंद कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में नशा माफियाओं का साम्राज्य खत्म करने के लिए सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को दो टूक कह रखा है कि राज्य के अन्दर एक भी नशा माफिया दिखना नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री के इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए पहाड से लेकर मैदान तक नशा माफियाओं पर बडा प्रहार किया जा रहा है। नशा माफियाओं के नेटवर्क को तार-तार करने के लिए उधमसिंहनगर के पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा ने भी खुद मोर्चा संभाल रखा है और उसी के चलते उन्होंने जनपद से लेकर बरेली तक नशा माफियाओं पर बडा प्रहार कर रखा है।
जसपुर मे जब पुलिस कप्तान को इस बात की खबर लगी कि एक व्यक्ति का रक्तरंजित शव खेत मे पडा हुआ है तो पुलिस कप्तान खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां पुलिस टीमों को मैदान मे उतारकर हत्यारे को मात्र तीन घंटे के भीतर दबोच लिया। पुलिस ने जब हत्यारे समीर को दबोचा तो उसने इस राज को बेनकाब किया कि जसपुर निवासी अरमान और वह नशा करते थे और पिछले काफी समय से जनपद की पुलिस ने नशे के खिलाफ मुहिम चलाई हुई है जिसके चलते जनपद में अब नशा नहीं मिल पा रहा है। हत्यारे समीर ने इस बात से पर्दा उठाया कि उसे यह भनक लगी थी कि अरमान के पास नशा है जिसके चलते वह दोनो खेत मे मिले और नशे को हासिल करने के लिए उसने चाकू से अरमान पर कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्याकांड का मोटिव नशा सामने आया तो उससे यह बात साफ हो गई कि उधमसिंहनगर के पुलिस कप्तान ने जनपद को नशामुक्त करने की दिशा में तेजी के साथ अपने कदम आगे बढा रखे हैं और आज हालात यह हो गये हैं कि वहां नशा मिलना एक टेडी खीर हो गया है और नशा न मिलने पर नशेडी पागलों की तरह इधर-उधर यही पता करते रहते हैं कि किसके पास नशा हो सकता है जिसे पीकर वह अपने कलेजे को ठंडक दे सकें।