अब किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकेगी साइबर ठगी की शिकायत

Amit
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नई दिल्ली- दिल्ली सहित पूरे देश में एक नवंबर से साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब एक लाख रुपये या उससे अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में पीड़ित किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन में सीधे शिकायत दर्ज करा सकेगा।

पीड़ित अब केवल हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट https://cyberpolice.nic.in
तक सीमित नहीं रहेंगे। वे अपने नजदीकी थाने में जाकर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। संबंधित थाने द्वारा दर्ज यह रिपोर्ट “जीरो एफआईआर” कहलाएगी, जिसे आगे जांच के लिए संबंधित एजेंसी को भेजा जाएगा।

हर थाने में इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क की शुरुआत

दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राजधानी के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क की सुविधा शुरू की जा रही है। यह डेस्क महिलाओं और साइबर अपराध पीड़ितों दोनों की मदद के लिए बनाई गई इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क (IHD) का हिस्सा होगी।

यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार होता है, तो वह इस हेल्प डेस्क पर जाकर अपनी एफआईआर दर्ज कराने में सहायता प्राप्त कर सकेगा।

ठगी की रकम तुरंत फ्रीज होगी

नई व्यवस्था से पीड़ित को तत्काल राहत मिलेगी। जैसे ही शिकायत दर्ज होगी, जांच अधिकारी ठगों के खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देंगे, जिससे रकम निकलने से पहले ही रोक लग सके। इससे अपराधियों तक पहुंचना भी आसान होगा।

गृह मंत्रालय की नई ई-जीरो एफआईआर पहल

गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने मई 2025 से ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की थी। दिल्ली में यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू है। नागरिक अब मंत्रालय के साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर भी ई-एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।

ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद शिकायत अपने-आप संबंधित पुलिस स्टेशन को जांच के लिए भेज दी जाएगी।

राशि के अनुसार जांच एजेंसियां तय

25 लाख रुपये तक के मामलों की जांच – ज़िले का साइबर पुलिस स्टेशन करेगा।

25 से 50 लाख रुपये तक के मामलों की जांच – अपराध शाखा की साइबर सेल करेगी।

50 लाख रुपये से अधिक के मामलों की जांच – स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट करेगी।

जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति

नई गाइडलाइन के अनुसार, एफआईआर दर्ज होते ही जांच अधिकारी बिना देरी के लियन मार्किंग, खाते फ्रीज करना, सीडीआर/एसडीआर इकट्ठा करना और सीसीटीवी फुटेज जुटाने जैसे जरूरी कदम तुरंत उठाएंगे।

शिकायतकर्ता को ई-एफआईआर दर्ज होने की सूचना दी जाएगी और 72 घंटे के भीतर थाने पहुंचकर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया जाएगा। यदि शिकायतकर्ता समय पर नहीं पहुंचता, तो उसे नोटिस जारी कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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