
गाजियाबाद। महागुनपुरम सोसायटी की 14वीं मंजिल से गिरकर बाक्सर प्रथम सिंह की मौत के मामले में पुलिस अभी तक यह तय नहीं कर सकी है कि मौत हत्या थी या आत्महत्या। जांच में हो रही लगातार देरी से मृतक के स्वजन नाराज हैं।
मृतक की मां का कहना है कि पुलिस ने उनका बयान तक नहीं लिया है। डीसीपी ने मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी में अब बदलाव करते हुए तीन नए दारोगाओं को शामिल किया गया है। पूर्व में शामिल दो दारोगा हटा दिए गए हैं। मामले में शीघ्र जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
13 अगस्त को हुई प्रथम की मौत के मामले में उसकी मां नीतू रानी ने कविनगर थाने में युवती रितिका, उसके पिता ललित प्रजापति और भाई जतिन प्रजापति के खिलाफ कविनगर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। स्वजन का आरोप है कि प्रथम सिंह को मारपीट के बाद 14वीं मंजिल से फेंका गया है।
एसआईटी प्रथम सिंह और आरोपित पक्ष के मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच करा रही है। सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लिए गए हैं। नई टीम ने युवती के लैपटाप का चार्जर लिया है। क्योंकि फारेंसिक जांच में लैपटाप के लिए चार्जर की जरूरत है।
मां का आरोप पुलिस जांच में बरत रही ढिलाई
प्रथम की मां का नीतू रानी का आरोप है कि उनके बेटे की माैत को 40 दिन से ज्यादा हो गए हैं। इसके बावजूद पुलिस जांच में ढिलाई बरत रही है। उनके बयान तक नहीं लिए गए हैं। उन्होंने बेटे की मौत का सच शीघ्र सामने लाने की मांग की है।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
अमित सक्सेना, एसीपी साहिबाबाद
