
गाजियाबाद। ग्रेटर नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की पाई-1 शाखा में हुए 10.24 करोड़ रुपये के घोटाले की रकम कहां गई, इसकी कड़ियां जोड़ने में सीबीआइ जुटी है।
जांच एजेंसी अब गिरफ्तार बैंक कर्मचारी दीपांशी और निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड की मंजूरी
दोनों से पूछताछ के लिए सीबीआइ अदालत ने शनिवार को पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर ली। अब दोनों आरोपितों को 12 नवंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहना होगा।
इस मामले में दोनों आरोपितों की पहले मिली तीन दिन की रिमांड शनिवार को पूरी हो गई थी। इसके बाद सीबीआइ ने उन्हें अदालत में पेश किया। एजेंसी ने दलील दी कि धोखाधड़ी की रकम काफी बड़ी है और अभी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आनी बाकी हैं।
कहां गया खातों से निकाला गया रकम?
रकम के लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है। अदालत ने दलीलों को स्वीकार करते हुए रिमांड बढ़ा दी। जांच में अब सबसे अहम सवाल यह है कि ग्राहकों के खातों से निकाले गए 10.24 करोड़ रुपये किन खातों में भेजे गए और बाद में उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पूरे मामले में कितने लोग शामिल?
सीबीआइ यह भी पता लगाएगी कि बैंक के भीतर और बाहर इस पूरे खेल में कितने लोग शामिल थे। खास तौर पर अन्य बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित शाखा में ग्राहकों के खातों से अनधिकृत रूप से रकम निकालने की शिकायत पर सीबीआइ ने 29 अक्तूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत में किया जाएगा पेश
आरोप है कि बैंक में आफिस असिस्टेंट और सब स्टाफ के पद पर तैनात दीपांशी ने आशुतोष कुमार पाठक और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित की।
जांच में भूमिका सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया था। आशुतोष को पुणे से पकड़ा गया था। अब पूछताछ के बाद दोनों को 13 नवंबर को अदालत में पेश किया जाएगा।
