
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित केडीपी ग्रांड सवाना ग्रुप हाउसिंग परियोजना में स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण पूरा किए बिना और पूर्णता प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) प्राप्त किए बिना फ्लैटों की बिक्री, हस्तांतरण और अधिभोग कराए जाने के मामले में प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है।
प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन-एक की ओर से संबंधित बिल्डर को नोटिस जारी कर सात दिन के में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जीडीए ने जारी किया पत्र
जीडीए (GDA) ने जारी पत्र में कहा है कि राजनगर एक्सटेंशन की संबंधित ग्रुप हाउसिंग परियोजना में स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण पूरा किए बिना तथा सक्षम प्राधिकारी से सीसी प्राप्त किए बिना फ्लैटों की बिक्री, हस्तांतरण और अधिभोग कराए जाने की शिकायतें और अनियमितताएं सामने आई हैं।
इससे फ्लैट खरीदारों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। प्राधिकरण ने बिल्डर से स्वीकृत मानचित्र और वास्तविक निर्माण की स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही विचलित निर्माण का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।
नोटिस में क्या कहा गया है?
यदि निर्माण में ऐसा विचलन है, जिसे नियमानुसार शमन योग्य माना जा सकता है, तो उसके लिए आवश्यक आवेदन और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप कराया जाए और पूर्व में की गई कार्रवाई का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
परियोजना से संबंधित स्वीकृत एवं संशोधित मानचित्र, पूर्णता प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों व अनापत्तियों के अभिलेख भी प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब और अभिलेख उपलब्ध न कराने पर नियमानुसार निर्माण के विरुद्ध सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
