गाजियाबाद में 7,302 व्यावसायिक भवनों की होगी बिजली सुरक्षा जांच, मानक पूरे नहीं होने पर कटेगा कनेक्शन

News Desk
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साहिबाबाद (गाजियाबाद)। लखनऊ के अलीगंज में हुई घटना के बाद अब विद्युत निगम के अधिकारी भी जाग गए हैं। निगम ने जिले में कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय समेत करीब 7302 व्यावसायिक भवनों को चिह्नित किया है।

इसमें सबसे पहले लिए गए लोड के सापेक्ष बिजली की खपत और विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी की जांच की जाएगी। कमी मिलने पर नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी मानकों का पालन नहीं करने पर कनेक्शन काटे जाएंगे।

वर्तमान में अधिक बिजली का उपयोग हो रहा

विद्युत निगम ने ट्रांस हिंडन (जोन-तीन) में 2370, शहर (जोन-एक) 2511 और लोनी, मुरादनगर व मोदीनगर (जोन-तीन) में 2421 भवनों का डाटा तैयार किया है। इसमें कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय, माल, रे्स्टोरेंट, ढाबे, दुकान आदि शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होंने निर्माण करते समय विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी ली थी, लेकिन निर्माण के दौरान बिल्डिंग में उपयोग की गई वायर और लिए गए लोड के मुकाबले वर्तमान में अधिक बिजली का उपयोग हो रहा है।इससे इन भवनों में लगी वायर की क्षमता लोड के सापेक्ष नहीं है। उन्होंने लोड बढ़ने पर न तो वायरिंग बदलवाई और न ही कनेक्शन का लोड बढवाया। इससे भवनों में हादसा होने की संभावना रहती है। जांच में मानकों के अनुसार नहीं पाए जाने पर नोटिस जारी करते हुए कनेक्शन काटे जाएंगे।

घरेलू कनेक्शन लेकर व्यावसायिक में कर रहे उपयोग

इनमें बड़ी संख्या में ऐसे भवन भी हैं, जिन्होंने घरेलू कनेक्शन लिया था। बाद में इन बिल्डिंगों का उपयोग कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय समेत अन्य व्यावसायिक कार्यों में होने लगा। इसके बाद भी उन्होंने कनेक्शन को व्यावसायिक में नहीं बदलवाया। इनके कनेक्शन काटने के साथ ही मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।केवल एक व दो किलोवाट वालों को है छूट

एक व दो किलोवाट कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी लेने की जरूरत नहीं है। इससे ऊपर वाले सभी को एनओसी लेना अनिवार्य है। विद्युत निगम का मानना है कि एक व दो किलोवाट वाले घरेलू कनेक्शन की वायर में स्पार्किंग की दिक्कत शून्य रहती है।लापरवाही पर संबंधित जेई, एसडीओ व एक्सईएन होंगे जिम्मेदार

अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह का कहना है कि जांच प्राथमिकता पर होनी है। अगर किसी भी जेई, एसडीओ या एक्सईएन की लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। निरीक्षण के दौरान इन अधिकारियों के कार्य क्षेत्र की किसी बिल्डिंग में मानक पूरे नहीं मिले तो स्पष्टीकरण लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।

केवल ट्रांस हिंडन में ही दो हजार से अधिक कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय समेत व्यावसायिक भवन चिह्नित किए हैं। पूरे जिले में साढे सात हजार के करीब हैं। इन सभी के कनेक्शन की जांच होगी। बिजली खपत के हिसाब से एनओसी नहीं मिलने पर नोटिस जारी कर कनेक्शन काटे जाएंगे। – अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम

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