
नोएडा- दादरी के दुरियाई गांव में रहने वाले किसान व व्यवसायी पंकज कुमार साइबर अपराध का शिकार हो गए, जब अज्ञात ठगों ने उन्हें फर्जी वाहन चालान के नाम पर एक एपीके फाइल भेजकर उनका मोबाइल फोन और नेट बैंकिंग अकाउंट अपने कब्जे में ले लिया। ठग करीब साढ़े तीन घंटे में उनके खाते से 17 लाख रुपये उड़ा ले गए। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज की गई है और पुलिस आरोपी को तलाश रही है।
घटना छह दिसंबर की शाम लगभग 5:30 बजे हुई, जब पंकज को एक अनजान नंबर से ‘आरटीओ चालान’ के नाम पर लिंक मिला। जल्दबाजी में उन्होंने यह ध्यान नहीं दिया कि लिंक एपीके फाइल के रूप में था। फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल फोन अचानक गड़बड़ाने लगा और कुछ देर बाद पूरी तरह हैक हो गया। ठगों ने उनकी नेट बैंकिंग आईडी के पासवर्ड बदलकर खाता अपने नियंत्रण में ले लिया।
रात करीब नौ बजे तक ठग लगातार 14 ट्रांजेक्शन कर 17 लाख रुपये निकाल चुके थे। मोबाइल पर बैंक से लगातार संदेश आने पर पंकज ने ठगी को समझा और तुरंत एनसीआरपी पोर्टल व साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि ठगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एपीके फ्रॉड के प्रमुख प्रकार
गैस कनेक्शन एपीके फ्रॉड
ऑनलाइन कार रेंटल एपीके फ्रॉड
ई-सिम एक्टिवेशन एपीके फ्रॉड
हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट एपीके फ्रॉड
बैंकिंग एपीके फ्रॉड
वेडिंग इनविटेशन एपीके फ्रॉड
ट्रैफिक चालान एपीके फ्रॉड
एपीके फाइल क्या होती है?
साइबर विशेषज्ञ समरपाल के अनुसार, एपीके वह फाइल फॉर्मेट है जिसके माध्यम से एंड्रॉइड सिस्टम में मोबाइल एप्स इंस्टॉल की जाती हैं। इसमें एप के इंस्टॉलेशन के सभी जरूरी संसाधन, कोड व अन्य फाइलें एक ज़िप फॉर्मेट में पैक होती हैं। यही वजह है कि इसके जरिए मालवेयर या स्पाईवेयर आसानी से छुपाकर भेजा जा सकता है।
