दिल्ली- पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद राजधानी दिल्ली में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। बीते कुछ दिनों की बारिश और ठंडी हवाओं के बाद अब कोहरे और धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को लेकर कोहरे और धुंध की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में दिन का तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। सुबह के वक्त कई इलाकों में हल्का तो कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
इस बार फरवरी का महीना पिछले कुछ वर्षों की तुलना में ज्यादा ठंडा महसूस किया गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 के बाद यह सबसे सर्द फरवरी मानी जा रही है। जहां वर्ष 2023 में फरवरी का औसत अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री था, वहीं 2024 में यह 24.4 और 2025 में 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार देर रात से ही राजधानी में कोहरे की चादर छाने लगी थी, जिसका असर सोमवार तड़के साफ तौर पर देखने को मिला। सुबह के समय धुंध और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले छह दिनों तक दिल्ली के मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
मौसम के साथ-साथ प्रदूषण भी लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेज हवाओं के बावजूद दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। सोमवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 210 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
एनसीआर के अन्य इलाकों की बात करें तो गाजियाबाद की स्थिति सबसे खराब रही, जहां एक्यूआई 279 दर्ज किया गया। नोएडा में 238, ग्रेटर नोएडा में 228 और गुरुग्राम में 191 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। वहीं फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां सूचकांक 163 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन उत्सर्जन है, जिसकी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से अधिक रही। इसके अलावा उद्योग, आवासीय गतिविधियां, निर्माण कार्य और कूड़ा जलाना भी प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारक रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनुमान है कि बुधवार तक हवा की स्थिति में खास सुधार देखने को नहीं मिलेगा।
