दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा बयान: ‘गलत काम लड़के करते हैं, तो पाबंदियां बेटियों पर क्यों?’

News Desk
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मैत्रेयी कॉलेज में आयोजित ‘परंपरा से प्रगति’ कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर समाज की पारंपरिक सोच पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा है कि जब भी सुरक्षा को लेकर कोई अप्रिय घटना सामने आती है, तो परिवार और समाज की ओर से केवल लड़कियों पर ही पाबंदियां लगाने की बातें शुरू हो जाती हैं क्यों? उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर समाज लड़कों से सवाल क्यों नहीं करता?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि हम अक्सर बेटियों को ही नसीहत देते हैं, लेकिन लड़कों से संवाद कब करेंगे? उनकी काउंसलिंग कब होगी? सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह बताने की भी जरूरत नहीं होनी चाहिए कि ‘ना का मतलब ना’ होता है.

मुख्यमंत्री ने इस दौरान केवल सामाजिक बदलाव की बात ही नहीं की, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी पूरी मुस्तैदी से निभानी होगी, ताकि पूरी दिल्ली को सुरक्षित और भयमुक्त बनाया जा सके. शहर में ऐसा कोई भी कोना या डार्क स्पॉट नहीं बचना चाहिए जहां सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक हो. प्रशासन को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की आवश्यकता है, उनकी तत्काल पहचान कर तेजी से काम पूरा किया जाए.

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका से भी आग्रह किया कि बेटियों या महिलाओं को न्याय दिलाने वाले मामलों में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो और समाज में एक कड़ा संदेश जाए.

अपनी बात के अंत में एक भावनात्मक संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,

“आज एक महिला, एक मां और मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपनी सभी बेटियों से कहना चाहती हूं कि मैं आपके साथ खड़ी हूं. हमारे शहर में भय, आतंक या उत्पीड़न के लिए कोई जगह नहीं है.”

राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर रेखा सरकार को घेरा था. ‘आप’ संयोजक ने राजधानी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में एक नया वैचारिक पहलू जुड़ गया है, जहां सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ लड़कों की परवरिश और सामाजिक सोच में बदलाव की बहस सबसे केंद्र में आ गई है.

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