ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट मामले में 24 जनवरी को आएगा फैसला, ASI ने दाखिल किया था प्रार्थना पत्र

Rohit Kumar
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वाराणसी के ज्ञानवापी केस (Gyanvapi Case) की ASI सर्वे रिपोर्ट पर फैसला अब 24 जनवरी को आएगा. कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 24 जनवरी तय की है. इससे पहले माना जा रहा था कि कोर्ट आज फैसला सुना देगा कि ASI सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए या नहीं. इससे पहले कोर्ट ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा लिया था. ये फैसला पहले गुरुवार को आना था. फिर ये शुक्रवार के लिए टला और अब इसके 24 जनवरी को आने की बात कही जा रही है.

क्या है हिंदू पक्ष की मांग?

हिंदू पक्ष इस फैसले को लेकर काफी उत्साहित है. आपको बता दें कि हिंदू पक्ष लगातार इस रिपोर्ट को पब्लिक करने की मांग कर रहा है. हालांकि, मुस्लिम पक्ष रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर आपत्ति जता रहा है.

ASI की कोर्ट में अपील

बता दें कि ASI ने सीलबंद लिफाफे में ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी. उसके बाद से हिंदू पक्ष रिपोर्ट को पक्षकारों को सौंपने की मांग कर रहा है. हालांकि, मुस्लिम पक्ष के साथ ही ASI ने भी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर फिलहाल अगले 4 हफ्ते तक इसको पब्लिक करने से रोकने की मांग की है. ASI ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि हाईकोर्ट ने हाल ही में ज्ञानवापी से जुड़े 1991 के मूल मुकदमे को दोबारा चलाने का आदेश दिया था.

रिपोर्ट पब्लिक होगी या नहीं?

हिंदू पक्ष के एडवोकेट सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि एएसआई ने अपनी सर्वे रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी थी. हमने अदालत से अपील की है कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में ना रहे. उसे पक्षकारों को सौंपा जाना चाहिए. हालांकि, मुस्लिम पक्ष इसको गोपनीय रखना चाहती है. इसलिए, कोर्ट अब आगे तय करेगा कि रिपोर्ट पब्लिक होनी चाहिए या नहीं.

वुजूखाना की सफाई की मांग

इसके अलावा, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने भी एक एप्लीकेशन कोर्ट में दी है. जिसमें ज्ञानवापी के वुजूखाना की सफाई की मांग की गई है. कहा गया है कि वुजूखाना की मछलियां मर रही हैं. सफाई की जरूरत है.

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