हीरो फिनकॉर्प के कॉरपोरेट खाते से 12.84 करोड़ की साइबर ठगी: दिल्ली पुलिस IFSO सेल ने किया बड़ा भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की स्पेशल यूनिट ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ (IFSO) ने एक बड़े अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी ‘हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड’ के कॉरपोरेट बैंक खाते से हुई 12,84,09,997 (लगभग 12.84 करोड़ रुपये) की डिजिटल धोखाधड़ी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में बैंक का एक रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल है, जिसने जालसाजों को फर्जी व डमी खाते खोलने में मदद की थी.

पुलिस की शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार टेलीग्राम के जरिए चीनी सिंडिकेट और दुबई तक फैले होने की बात सामने आई है. ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा चुका है.

बिना किसी सूचना के 317 अनधिकृत ट्रांजैक्शन

मामले का खुलासा तब हुआ जब हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड को एचडीएफसी बैंक के सिस्टम अलर्ट के जरिए पता चला कि उनके कॉरपोरेट खाते से बिना किसी सहमति, निर्देश या प्रबंधन की जानकारी के पैसों की अनधिकृत निकासी हो रही है.

सिंडिकेट ने बेहद शातिराना तरीके से 317 डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 12.84 करोड़ रुपये की राशि देश के अलग-अलग 34 प्राथमिक बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली. कंपनी के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधि की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

1.7 करोड़ फ्रिज, देशभर में छापेमारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (IFSO) गौरव त्यागी और एसीपी प्रेम चंद्र खंडूरी के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इसमें सब-इंस्पेक्टर अंकित, हेड कांस्टेबल सुरेश, राजेश, कर्मवीर और कांस्टेबल रोहित शामिल थे. टीम ने तुरंत तकनीकी सर्विलांस व बैंक खातों व मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया. त्वरित तकनीकी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ठगे गए 1.7 करोड़ रुपये को विभिन्न खातों में ब्लॉक/फ्रीज करवाकर पूंजी को सुरक्षित कर लिया. इसके बाद देशभर में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 5 आरोपियों को दबोचा गया.

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