गाजियाबाद। डीएम रविन्द्र कुमार मांदड ने शनिवार को जिला एमएमजी अस्पताल में निर्माणाधीन सौ बेड के क्रिटीकल केयर ब्लाक का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था का कोई भी अभियंता मौके पर नहीं मिला।
कामगारों से डीएम ने पूछा कि कितने लोग काम कर रहे हैं तो उसका संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर डीएम नाराज हो गये। सीएमएस के पीछे चल रहे चीफ फार्मासिस्ट एसपी वर्मा को निर्देश दिये कि नीचे से ऊपर तक काम कर रहे कामगारों की गिनती करके शाम तक बताओ।
डीएम ने सीएमएस डा.राकेश कुमार से पूछा कि काम पूरा होने के लिये तुरंत कितने बजट की जरूरत है। सीएमएस ने डीएम को अवगत कराया कि 5.30 करोड़ मंजूर हो गया है, जो मिला नहीं है। कुल 11 करोड़ की जरूरत है।
डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिये हैं कि साेमवार तक प्रोजेक्ट का बिंदुवार विवरण बनाकर भेजें। निर्माण के साथ मेडिकल गैस पाइप लाइन सिस्टम और एयर हेंडलिंग यूनिट के लिये आवश्यक बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा गया है। यह स्टेट बजट से होगा। संभावना है कि अब बजट आवंटन के साथ प्रोजेक्ट का काम समय से पूरा हो सकेगा।
दो महीने में नहीं बढ़ा प्राेजेक्ट का काम
सीएमएस,सीएमओ के अलावा शहर विधायक लगातार बजट आवंटन को पत्र लिख रहे हैं।बजट आवंटन न होने के चलते निर्माण कार्य पूर्ण होने की तीसरी डेडलाइन (31 जुलाई 2026) भी खत्म हो गई है। आन रिकार्ड 12 प्रतिशत काम बचा हुआ है।
इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होने पर ही जर्जर भवन में संचालित जिला एमएमजी अस्पताल को शिफ्ट किया जाएगा। इसका निर्माण कर रही सरकारी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम की यूनिट-31 कन्सट्रक्शन एंड डिजायन सर्विसेज की ओर से 30 मई 2026 को सीएमओ एवं सीएमएस को पत्र भेजकर बताया था कि क्रिटीकल केयर ब्लाक का 87 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। इसी क्रम में 30 जून को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
31 जुलाई को लिखे पत्र में बताया गया है कि 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। दो महीने से काम एक ही जगह अटका पड़ा है। तीन महीने में केवल एक प्रतिशत निर्माण कार्य आगे बढ़ा है। इस हिसाब से 12 प्रतिशत काम बचा हुआ है। इस पत्र में निर्माण कार्य पूर्ण होने की कोई नई संभावित तिथि नहीं दर्शाई गई है।
लागत 34 करोड़ और बजट मिला 23 करोड़ का
34 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए अब तक कार्यदायी संस्था को 23 करोड़ मिले हैं।जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस ने बजट आवंटन को 50 से अधिक पत्र लिख डाले हैं।11 करोड़ मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट का काम पूरा होगा।
सितंबर 2025 में चालू होने वाले ब्लाक का काम अब अगले चार महीने में पूरा होना असंभव है। एमएमजी के जर्जर दो वार्ड बंद होने पर भी बजट का आवंटन नहीं हो रहा है। दस जुलाई को अपर निदेशक ने निरीक्षण के बाद रिपोर्ट भेजकर अस्पताल की ओपीडी को जनहित में दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने की संस्तुति की थी, जिस पर कार्रवाई लंबित हैं।
सितंबर 2025 में काम होना था पूरा
क्रिटिकल केयर ब्लाक का निर्माण कार्य 15 मार्च 2024 को शुरू हुआ था। 14 सितंबर 2025 तक निर्माण कार्य पूरा किया जाना प्रस्तावित था लेकिन पिछले नौ महीने में तीन बार कार्य पूरा करने की तिथि प्रस्तावित की जा चुकी है।
