ससुरालीजनों ने बहू को मानसिक, शारीरिक रूप से किया प्रताड़ित, मामला दर्ज

Amit
3 Min Read
फतेहपुर। पांच लाख रुपये नकद और अपाचे बाइक की मांग को लेकर ससुरालीजनों ने बहू को न केवल मानसिक, बल्कि शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया। विरोध करने पर पति ने तीन बार तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया और गर्भावस्था के दौरान उसे उसके मायके भेज दिया। इसके बाद पीड़िता ने एसपी से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मारपीट का मामला दर्ज किया। पीड़िता रेशमा बानो, निवासी सराय जीटी रोड, पड़ाव, थरियांव ने बताया कि उसकी शादी 4 सितंबर 2022 को निहाल अहमद से हुई थी। शादी के बाद ससुरालीजनों ने उसे लगातार दहेज के लिए तंग करना शुरू किया।
मायके पक्ष ने शादी में पांच लाख रुपये से अधिक का सामान दिया था, लेकिन ससुरालीजनों की मांग खत्म नहीं हुई। वे पांच लाख रुपये नकद और अपाचे बाइक की मांग करने लगे। इस पर जब रेशमा ने असमर्थता जताई तो ससुराल वालों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। रेशमा ने कहा कि उसके माता-पिता ने रिश्तेदारों से व्यवस्था कर एक लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी ससुरालीजनों का अत्याचार जारी रहा। 18 मई 2023 को ससुरालीजनों ने फिर से उसे पीटा और उसके गहने छीन लिए। इससे भी ज्यादा दुखद यह था कि पति ने गर्भावस्था के दौरान उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। इसके बाद रेशमा को मायके भेज दिया गया, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया और अपने साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ शिकायत करने का निर्णय लिया।
रेशमा की तहरीर पर थरियांव पुलिस ने पति निहाल अहमद, ससुर निषार अहमद, सास आयशा, ननद खुशनुमा और ननदोई सिराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। एसओ अरविंद कुमार राय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी धवल जायसवाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर किया है, जिसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
Share This Article
Leave a Comment